महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने किया प्रेरित – ‘गांव को परिवार समझकर करें विकास’
रायपुर, 19 नवम्बर 2025। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरा में जैसे घर की देखभाल की जिम्मेदारी महिलाओं की होती है, उसी तरह अब महिला सरपंच अपने पूरे गांव को एक परिवार की तरह समझकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छता और व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सबसे पहले लोगों की आदतों और व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। इसके लिए सरपंचों को दृढ़ निश्चय के साथ सेवकभाव से काम करना होगा।
विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित एक निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेशभर से आई महिला सरपंचों ने भाग लिया। इसी कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने जनपद पंचायतों के सीईओ कॉन्फ्रेंस का भी शुभारंभ किया।
स्वच्छता केवल निर्माण नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन का अभियान
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव में बनने वाले हर निर्माण का उपयोग गांव वाले ही करते हैं, इसलिए कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च होनी चाहिए। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाने के लिए लोगों के मनोभाव बदलने पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार को शौचालय के नियमित उपयोग और मरम्मत के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है।
सरपंचों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों से उन्होंने स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
देश में पहली बार स्वच्छ पंचायत मानक निर्धारण टूल और डैशबोर्ड लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर मानक-निर्धारण टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे एक साथ सभी पंचायतों में लागू किया जा रहा है। इस टूल की मदद से पंचायतें अपनी स्वच्छता और जल आपूर्ति की स्थिति का आंकलन कर सकेंगी।
इससे न केवल पंचायत स्तर पर स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, बल्कि स्वच्छता और जल प्रबंधन के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान शुरू
उपमुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों की उपयोगिता बढ़ाने और उनकी व्यवस्थित देखरेख सुनिश्चित करने के लिए ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान का शुभारंभ किया।
इस अभियान का उद्देश्य समुदाय और परिवारों को शौचालयों की समय-समय पर मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित करना है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक ‘स्वच्छ संकल्प अभियान’ भी चलाया जा रहा है, जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बड़ी संख्या में महिला सरपंचों की उपस्थिति
इस अवसर पर निहारिका बारीक, एसबीएम के प्रबंध निदेशक अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ के वरिष्ठ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुजोय मजुमदार, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ डेनिश लार्सेन सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।


