संयुक्त अभियान में आईईडी, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर और संचार उपकरण समेत विस्फोटक सामग्री बरामद
बीजापुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। सीआरपीएफ की 199वीं और 85वीं वाहिनी तथा 202 कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए 6 डंप बरामद किए हैं। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने करीब 30 प्रकार की सामग्री जब्त की है। बरामद सामान में विस्फोटक सामग्री, आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर और संचार उपकरण शामिल हैं।

सूचना के आधार पर जंगल में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
सीआरपीएफ बीजापुर के डीआईजी बीएस नेगी के निर्देशन में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व 199वीं वाहिनी के कमांडेंट आनंद कुमार, 85वीं वाहिनी के कमांडेंट सुनील कुमार राही और 202 कोबरा बटालियन के कमांडेंट आलोक अवस्थी के मार्गदर्शन में द्वितीय कमान अधिकारी विनोद कुमार ने किया। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर पीडिया और मुतवंडी क्षेत्र के हिरमागुंडा गांव के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
चरणबद्ध तरीके से की गई जंगल की घेराबंदी
अभियान के दौरान जवानों ने संदिग्ध इलाकों की घेराबंदी कर चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया। टीम में बी-199 कंपनी के सहायक कमांडेंट राजीव कुमार, ए-85 कंपनी के उप कमांडेंट टी. उमाकांत मितेई और बी/202 कोबरा के उप कमांडेंट कमलेश इंदौरा समेत अन्य जवान शामिल रहे। सुरक्षा बलों ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों में सावधानीपूर्वक तलाशी लेते हुए नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए छह डंप का पता लगाया।
आईईडी और विस्फोटक बनाने का सामान बरामद
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा भविष्य में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई सामग्री मिली। बरामद सामान में आईईडी, कॉर्डेक्स वायर, डेटोनेटर, गन पाउडर, संचार उपकरण, रेडियो सेट और विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रिक सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा नक्सलियों के कपड़े और अन्य उपयोगी सामान भी बरामद किया गया है। कुल मिलाकर करीब 30 तरह की सामग्री जब्त की गई है।
सुरक्षा बलों की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
सुरक्षा बलों का मानना है कि जंगल में छिपाकर रखे गए इन डंप का इस्तेमाल नक्सली आगामी समय में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते थे। समय रहते इन डंप का पता चलने और सामग्री बरामद होने से संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली है। बरामदगी के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की गई।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लगातार अभियान का असर
हिरमागुंडा, पीडिया और आसपास का इलाका पहले नक्सली गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता था। हालांकि, सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियान के कारण क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का प्रभाव काफी कम हुआ है। सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी और अभियान से स्थानीय ग्रामीणों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
अभियान के दौरान नहीं हुई कोई जनहानि
अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सुरक्षा बलों ने पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ अभियान को अंजाम दिया। अभियान की सफलता को क्षेत्र में नक्सल विरोधी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य
सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी ने कहा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी सूचना आधारित अभियानों को और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। सुरक्षा बलों का लक्ष्य क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त कर बीजापुर के संवेदनशील इलाकों को नक्सलमुक्त बनाना है।
