ओखर गौधाम में पशुओं की मौत पर जांच रिपोर्ट, 3 दिनों में 6 मौतों की पुष्टि

रायपुर, 27 अगस्त 2026। बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ओखर स्थित गौधाम में पशुओं की मौत का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने गौधाम का निरीक्षण कर अपनी जांच रिपोर्ट बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को सौंप दी है। आधिकारिक जांच प्रतिवेदन के अनुसार पिछले तीन दिनों में कुल 6 पशुओं की मृत्यु हुई है। इनमें 4 पशुओं की मौत वृद्धावस्था के कारण तथा 2 की मृत्यु अन्य कारणों से होना बताया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. गोपाल शरण सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ओखर गौधाम पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर गौधाम की स्थिति का निरीक्षण किया, मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया और उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। प्रशासन की ओर से पशुओं की मौत के वास्तविक कारणों की जांच के साथ-साथ गौधाम की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जा रहा है।

जांच में हाल में हुई भारी बारिश के कारण गौधाम परिसर में जलभराव की स्थिति सामने आने की बात कही गई है। जानकारी के अनुसार 21 अगस्त को पशुओं को गौधाम में विस्थापित किया गया था। वर्तमान में ग्राम पंचायत ओखर के करीब 300 पशु वहां मौजूद हैं। जलभराव और लगातार बारिश के बीच पशुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।

ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की सहमति से गौधाम में मौजूद सभी करीब 300 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने तथा उन्हें चराने के लिए बाहर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हालांकि, इस मामले को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों में मौतों की संख्या और परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे भी किए गए हैं। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में 23 गोवंश की मौत का दावा किया गया है और चारा-पानी की कमी तथा कथित अव्यवस्था के आरोप लगाए गए हैं। वहीं इससे पहले गौसेवकों की ओर से गौधाम में क्षमता से अधिक पशु रखे जाने, कीचड़ और पशु चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

इन दावों और आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बीच अंतर को देखते हुए प्रशासन की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल आधिकारिक रूप से 3 दिनों में 6 पशुओं की मृत्यु की पुष्टि की गई है। जिला प्रशासन का फोकस अब शेष पशुओं को सुरक्षित रखने, जलभराव से बचाने और उनके लिए पर्याप्त चारा-पानी तथा उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है।

गौधामों में पशुओं की क्षमता, देखरेख और निगरानी को लेकर भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है और गौधाम की व्यवस्थाओं में क्या सुधार किए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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