रायपुर/नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। मानसून की सक्रियता के बीच देश के मध्य, पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और विदर्भ समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रह सकता है।
छत्तीसगढ़ में भी मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में कल से ही बारिश का दौर जारी है और आज भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो रही है। रायपुर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। कई इलाकों में बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जगहों पर सुबह से बादल छाए हैं, जबकि कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ रही हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार 4 से 6 सितंबर तक भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मध्य प्रदेश से लगे छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसम की सक्रियता का असर देखने को मिल रहा है।
उत्तर भारत में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी भारत में ओडिशा सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहा है। बालासोर जिले में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। नदी का बढ़ता जलस्तर बलियापाल, बस्ता, भोगराई और जलेश्वर जैसे निचले इलाकों के लिए चिंता बढ़ा रहा है। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव गतिविधियों पर निगरानी रख रहा है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में बारिश का असर नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर पड़ सकता है। वहीं विदर्भ में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़, नदी-नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी जलमग्न सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत है।

कुल मिलाकर मध्य भारत से लेकर पूर्वी और उत्तर भारत तक मानसून सक्रिय है। रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में कल से जारी बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है और आज भी कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है। अगले कुछ दिनों में स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
