अहमदाबाद, 3 सितंबर 2026। भारत पहली बार हुंडई विश्व तीरंदाजी पैरा श्रृंखला की मेजबानी करने जा रहा है। अहमदाबाद का प्रतिष्ठित साबरमती रिवरफ्रंट 5 से 9 सितंबर तक दुनिया के शीर्ष पैरा तीरंदाजों की मेजबानी करेगा। 2026 श्रृंखला के तीसरे चरण में 20 देशों के 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन भारत में अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन 4 सितंबर को होगा, जबकि मुकाबले 5 सितंबर से शुरू होंगे। विश्व तीरंदाजी के अनुसार अहमदाबाद चरण में 19 देशों के 109 पैरा तीरंदाजों की भागीदारी दर्ज है, जबकि भारतीय और अन्य आधिकारिक स्रोतों में 20 देशों के 100 से अधिक खिलाड़ियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। प्रतियोगिता में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के साथ विश्व रैंकिंग के महत्वपूर्ण अंक भी दांव पर होंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रिकर्व ओपन, कंपाउंड ओपन, डब्ल्यू-1 और दृष्टिबाधित वर्ग में मुकाबले होंगे। भारत के अलावा चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाकिस्तान, मैक्सिको, स्लोवाकिया, अमेरिका, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, साइप्रस, चेकिया, इराक, रूस और श्रीलंका के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
भारत की ओर से 29 सदस्यीय पैरा तीरंदाजी दल मैदान में उतरेगा। भारतीय दल में पेरिस पैरालंपिक के पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके तीरंदाज शामिल हैं। इनमें कंपाउंड वर्ग की विश्व नंबर एक खिलाड़ी शीतल देवी, विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर चल रहे तोमन कुमार, राकेश कुमार और पेरिस पैरालंपिक पदक विजेता हरविंदर सिंह जैसे नाम प्रमुख हैं। विश्व तीरंदाजी ने शीतल देवी और तोमन कुमार को उनके-अपने वर्ग में विश्व रैंकिंग का नंबर एक खिलाड़ी बताया है।
भारतीय दल ने प्रतियोगिता की तैयारियों के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया। यह शिविर 23 अगस्त से 2 सितंबर तक चला। भारतीय टीम के 29 खिलाड़ियों में 11 ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्हें आगामी एशियाई खेलों के लिए चुना गया है। ऐसे में अहमदाबाद प्रतियोगिता भारतीय तीरंदाजों के लिए एशियाई खेलों से पहले अपनी तैयारियों और फॉर्म को परखने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
हुंडई विश्व तीरंदाजी पैरा श्रृंखला की शुरुआत वर्ष 2026 में हुई है। इसका उद्देश्य पैरा तीरंदाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान दिलाना और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। वर्ष 2026 का पहला चरण अप्रैल में बैंकॉक में हुआ था, जबकि दूसरा चरण 30 जून से 4 जुलाई तक चेकिया के नोवे मेस्टो में आयोजित किया गया। अहमदाबाद इसका तीसरा चरण है। श्रृंखला का चौथा और अंतिम चरण अक्टूबर में चिली के सैंटियागो में आयोजित किया जाएगा।
अहमदाबाद में होने वाली प्रतियोगिता का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है। एशियाई पैरा खेल 2026 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और भारत सहित एशिया के कई शीर्ष पैरा तीरंदाज इस प्रतियोगिता को अपनी तैयारियों की अंतिम कसौटी के तौर पर देख रहे हैं। विश्व तीरंदाजी के अनुसार प्रतियोगिता में शनिवार 5 सितंबर को रिकर्व वर्ग के क्वालीफिकेशन से शुरुआत होगी। 6 सितंबर को कंपाउंड, डब्ल्यू-1 और दृष्टिबाधित वर्ग के क्वालीफिकेशन मुकाबले होंगे। 7 और 8 सितंबर को नॉकआउट तथा टीम मुकाबले और 9 सितंबर को व्यक्तिगत फाइनल खेले जाएंगे।
इस आयोजन की मेजबानी गुजरात के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय तीरंदाजी संघ गुजरात सरकार, गुजरात खेल प्राधिकरण और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। साबरमती रिवरफ्रंट पर दुनिया के शीर्ष पैरा तीरंदाजों का जमावड़ा भारत में पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।

भारत की पहली मेजबानी ऐसे समय हो रही है जब देश के पैरा तीरंदाज लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अहमदाबाद में घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए भारतीय खिलाड़ियों से पदकों के साथ-साथ विश्व रैंकिंग अंक हासिल करने की भी उम्मीद है। इस आयोजन से देश में पैरा तीरंदाजी को नई पहचान और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की संभावना है।
