बीजापुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी डंप से BGL कलपुर्जे, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में की गई सघन तलाशी के दौरान माओवादियों द्वारा जंगलों और दुर्गम इलाकों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री, BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) के कलपुर्जे, ग्रेनेड, तीर बम, डेटोनेटर और वायर बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री को सुरक्षा मानकों के तहत सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया है। इससे पहले भी बीजापुर के जंगलों में सुरक्षा बलों ने कई माओवादी डंप का पता लगाकर हथियार, आईईडी, डेटोनेटर और विस्फोटक तैयार करने में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की थी।

बीजापुर पुलिस अधीक्षक उमेश गुप्ता के अनुसार 9 सितंबर को एफओबी ताड़पाल क्षेत्र में सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन ने ताड़पाल पहाड़ी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पत्थरों और जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए माओवादी डंप का पता चला। यहां से 105 नग BGL राउंड कंपोनेंट्स, एक BGL नोज, दो लोहे के पाइप, एक एल्युमिनियम पतीला और लेथ मशीन का हैंडल बरामद किया गया। सुरक्षा बलों ने आशंका जताई कि इन सामानों का उपयोग हथियारों एवं विस्फोटक सामग्री की तैयारी में किया जा सकता था।
इसी क्रम में DRG और थाना मिरतुर की संयुक्त टीम ने इंडरीपाल के जंगलों में सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादी डंप बरामद किया। यहां छिपाकर रखे गए दो ग्रेनेड और पांच तीर बम मिले। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए BDS टीम को मौके पर बुलाया गया और विस्फोटक सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया गया।

डुमरीपलनर जंगल में भी DRG और थाना मिरतुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान माओवादी डंप से सात बंडल नॉन-इलेक्ट्रिक वायर और छह डेटोनेटर बरामद किए गए। इन सामग्रियों की बरामदगी को सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वायर और डेटोनेटर का इस्तेमाल विस्फोटक उपकरण तैयार करने में किया जा सकता है।
गौरतलब है कि बीजापुर में पिछले दिनों भी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर माओवादी डंप बरामद किए थे। 5 सितंबर को सीआरपीएफ की 199वीं बटालियन की टीम ने पीडिया और कुप्पागुड़ा के जंगलों में अभियान चलाकर 14 डंप से 99 प्रकार की सामग्री बरामद की थी। इनमें राइफलें, आईईडी, डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट और आईईडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री शामिल थी।

गौरतलब है कि बीजापुर में पिछले दिनों भी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर माओवादी डंप बरामद किए थे। 5 सितंबर को सीआरपीएफ की 199वीं बटालियन की टीम ने पीडिया और कुप्पागुड़ा के जंगलों में अभियान चलाकर 14 डंप से 99 प्रकार की सामग्री बरामद की थी। इनमें राइफलें, आईईडी, डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट और आईईडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री शामिल थी।

लगातार हो रही बरामदगी से स्पष्ट है कि सुरक्षा बल पुराने माओवादी डंप और जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों तथा विस्फोटक सामग्री को खोजने के लिए अभियान तेज किए हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें संवेदनशील इलाकों में सघन सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन और डंप रिकवरी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जंगलों में छिपी ऐसी सामग्री को बरामद कर निष्क्रिय करने से सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के लिए संभावित खतरा कम करने में मदद मिल रही है।

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