जामगांव (एम) से होगा राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत

रायपुर, 19 जुलाई 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 20 जुलाई को दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा अतिविशिष्ट अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव करेंगे।

शाला प्रवेशोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करना, शिक्षा के प्रति उनमें उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाना तथा प्रदेशभर में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथि नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर उनका स्वागत करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित भी करेंगे।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल, पाटन विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय तथा तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक, जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर, जनपद सदस्य संतोषी ठाकुर तथा ग्राम पंचायत जामगांव (एम) की सरपंच तुलसी सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विभाग ने प्रदेशवासियों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

राज्य सरकार का मानना है कि शाला प्रवेशोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अभियान है। इससे बच्चों में विद्यालय के प्रति अपनापन विकसित होता है और अभिभावकों को भी अपने बच्चों की शिक्षा के महत्व का संदेश मिलता है। राज्य स्तरीय आयोजन के माध्यम से प्रदेशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और सर्वशिक्षा के लक्ष्य को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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