अतिक्रमण मुक्त शासकीय भूमि पर गढ़ी जा रही नौनिहालों के भविष्य की नींव, जामपाली में बदलाव की राह

रायपुर, 20 सितंबर 2026। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील अंतर्गत ग्राम जामपाली में कभी अतिक्रमण की वजह से उपेक्षित पड़ी शासकीय भूमि अब गांव के बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वास्थ्य की आधारशिला बन रही है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया है। इससे गांव के नन्हे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो रहा है।

ग्राम जामपाली में शासकीय भूमि खसरा नंबर 309/1 का कुल रकबा 1.833 हेक्टेयर है। इसके एक हिस्से पर लंबे समय से स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा था। अतिक्रमण के कारण गांव में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं और बाल विकास केंद्र के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही थी। सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत तहसीलदार सरिया द्वारा राजस्व अभिलेखों की जांच के साथ स्थल निरीक्षण किया गया। परीक्षण और जांच के बाद नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इससे सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध भूमि का संरक्षण सुनिश्चित हुआ और ग्रामीणों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता खुला।

अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन ने भूमि को खाली छोड़ने के बजाय इसे जनहित में उपयोग करने की दिशा में पहल की। जिला प्रशासन तथा जनपद पंचायत बरमकेला के समन्वय से यहां आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया। अब यह केंद्र गांव के छोटे बच्चों के लिए शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खेल-खेल में सीखने की गतिविधियों के साथ बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य की जांच तथा आवश्यक पोषण संबंधी सेवाएं भी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे अभिभावकों को भी अपने बच्चों के विकास के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल रही हैं।

जामपाली में हुई यह पहल केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तक सीमित नहीं है। शासकीय भूमि के संरक्षण के साथ उसका उपयोग बच्चों और समुदाय के हित में सुनिश्चित किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यवाही और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण सामने आया है।

कभी जिस भूमि पर अवैध कब्जे के कारण सार्वजनिक उपयोग की योजनाओं को आकार देने में कठिनाई आ रही थी, वही भूमि अब बच्चों की शिक्षा और विकास का केंद्र बन चुकी है। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की गतिविधियों से परिसर में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

जामपाली की यह पहल बताती है कि शासकीय संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका उपयोग जनहित में किया जाए तो उसका सीधा लाभ समाज और आने वाली पीढ़ी को मिल सकता है। प्रशासनिक सक्रियता, राजस्व विभाग की कार्रवाई और पंचायत स्तर पर समन्वित प्रयास से गांव में विकास की नई राह खुली है। अतिक्रमण मुक्त भूमि अब नौनिहालों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत कर रही है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *