बस्तर में बाढ़ के बीच 18 लोगों का एमआई-17 से एयरलिफ्ट, रायपुर और जांजगीर-चांपा में भी राहत-बचाव अभियान तेज

रायपुर, 27 सितंबर 2026/ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर संभाग में स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। बस्तर जिले के डोंगाघाट क्षेत्र में बाढ़ में फंसे 18 लोगों को भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। वहीं रायपुर के पथरी डीह में बाढ़ में फंसे 14 लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया। जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के उफान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ राहत शिविर बनाए हैं।

बस्तर में एमआई-17 हेलीकॉप्टर से 18 लोगों का रेस्क्यू

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से बस्तर संभाग में हुई लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ के गंभीर हालात बने। बस्तर जिले के डोंगाघाट क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे कई ग्रामीण और छोटे बच्चे छतों पर फंस गए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला। रविवार को भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वायु सेना के जवानों ने बाढ़ के बीच फंसे 18 नागरिकों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

रेस्क्यू अभियान की निगरानी बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने की। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने तथा नावों एवं अन्य माध्यमों से लोगों को सुरक्षित शिविरों तक पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।

पथरी डीह में एनडीआरएफ ने 14 लोगों को सुरक्षित निकाला

रायपुर जिले के बाढ़ प्रभावित पथरी डीह में भी राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ के बीच फंसे 14 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

विषम परिस्थितियों के बावजूद एनडीआरएफ ने प्रशासन, पंचायत अमले और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से बचाव अभियान पूरा किया। अभियान के दौरान जनपद पंचायत सीईओ आशीष केशरवानी, तहसीलदार धरसीवां राजकुमार साहू, सरपंच प्रतिनिधि तेजराम निषाद, ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश, सब इंजीनियर प्रदीप साहू और जनपद प्रतिनिधि ईश्वर निषाद सहित स्थानीय अमला मौजूद रहा।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

शिवरीनारायण में महानदी उफान पर, शबरी सेतु पर आवागमन बंद

जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण और आसपास के कई गांवों में महानदी के उफान से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। शिवरीनारायण में शबरी सेतु के ऊपर करीब छह फीट पानी बह रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार दोपहर से पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है।

महानदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुल के पास बेरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। घाटों पर पुलिस और डीडीआरएफ की टीम भी तैनात है। आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद शिवरीनारायण और खरौद में राहत शिविर बनाए गए हैं।

महानदी के उफान और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सभी संवेदनशील प्वाइंट पर बल तैनात किया गया है। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

इंद्रावती नदी खतरे के निशान से करीब 12 फीट ऊपर

बस्तर में बारिश थमने के बाद भी इंद्रावती नदी सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से करीब 12 फीट ऊपर बह रही है।

बस्तर जिले में कुल 42 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 4,798 लोग रह रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार शहरी क्षेत्र में सात राहत शिविरों में 1,808 लोग तथा ग्रामीण क्षेत्र में 2,990 लोग रह रहे हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा की जा रही हैं।

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