नई दिल्ली, 27 सितंबर 2026/ आगामी रबी सीजन की प्राथमिकताओं और तैयारियों पर विचार-विमर्श के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा रबी अभियान 2026 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन 28–29 सितंबर 2026 को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार, एनएएससी परिसर, पूसा, नई दिल्ली में किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें राज्यों के कृषि मंत्री, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) तथा अन्य हितधारक शामिल होंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्र-राज्य तालमेल को मजबूत करने तथा कृषि उत्पादन, उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित एवं परिणाम-उन्मुख रणनीति तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विचार-विमर्श में हाल ही में आयोजित कृषि संबंधी क्षेत्रीय सम्मेलनों से प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों और परिणामों को भी आधार बनाया जाएगा।
सम्मेलन के पहले दिन तीन व्यापक क्षेत्रों पर समानांतर विषयगत समूह चर्चाओं के तीन दौर आयोजित किए जाएंगे। इनमें आत्मनिर्भरता, विविधीकरण एवं उत्पादन वृद्धि; स्थिरता एवं जलवायु-अनुकूल कृषि; तथा डिजिटल कृषि, बुनियादी ढांचा, वित्तपोषण एवं जोखिम प्रबंधन शामिल हैं।
चर्चा में दलहन, तिलहन और ऑयल पाम में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन, बागवानी, कपास, बीजों की उपलब्धता और बीज मूल्य श्रृंखला में सुधार, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, कृषि मशीनीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए वित्तपोषण एवं बुनियादी ढांचा, विपणन सुधार, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज, डिजिटल कृषि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पादप संरक्षण और कृषि सांख्यिकी जैसे विषय शामिल होंगे।
विषयगत चर्चाओं के माध्यम से रबी मौसम के दौरान सामने आने वाली प्रमुख कार्यान्वयन चुनौतियों, राज्य-विशिष्ट प्राथमिकताओं और कार्रवाई योग्य रणनीतियों की पहचान की जाएगी। योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल, वितरण तंत्र को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर रहेगा।
सम्मेलन के दूसरे दिन क्षेत्रीय सम्मेलनों से प्राप्त प्रमुख परिणामों तथा पहले दिन की विषयगत चर्चाओं के निष्कर्षों पर विचार किया जाएगा। कार्यसूची में रबी मौसम के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान, उर्वरकों की उपलब्धता और उनके संतुलित उपयोग, डिजिटल कृषि मिशन, किसान रजिस्ट्री, डिजिटल फसल सर्वेक्षण एवं एग्रीस्टैक, दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन, खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन, फसल एवं बीज की स्थिति, उन्नत किस्मों को अपनाने, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, विपणन सुधार तथा एटीएमए और केवीके के माध्यम से कृषि योजनाएं तैयार करने जैसे विषय शामिल हैं।
सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्रियों को अपने विचार और अनुभव साझा करने के साथ राज्य की प्राथमिकताओं तथा कृषि विकास और रबी मौसम की तैयारियों से जुड़े सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। राज्यों से प्राप्त सुझावों और विषयगत चर्चाओं के निष्कर्षों के आधार पर रबी अभियान 2026 के लिए एक समन्वित एवं परिणाम-उन्मुख रणनीति तैयार करने पर जोर रहेगा।

समापन सत्र में पूरे विचार-विमर्श का सार प्रस्तुत किया जाएगा तथा रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने के लिए सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करते हुए ‘आत्मनिर्भरता एवं विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाना है।
