रायपुर, 2 अक्टूबर 2026/ बरसात के बाद प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण के कार्य तेजी से धरातल पर उतरेंगे। राज्य शासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी करते हुए 672 करोड़ 22 लाख 30 हजार रुपए के 24 महत्वपूर्ण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दे दी है। इनमें नई सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों के उन्नयन, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को चयनित ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों को यथाशीघ्र कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में मजबूत सड़क एवं पुल अधोसंरचना का निर्माण राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर सड़कें गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच को सुगम बनाती हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन बेहतर होगा और व्यापार, पर्यटन सहित स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ लोगों तक जल्द पहुंचे, इसके लिए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क और पुल अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेशभर में 24 महत्वपूर्ण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों को कार्यादेश जारी कर बरसात के बाद निर्माण कार्यों को तत्काल गति देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा, जिससे प्रदेशवासियों को बेहतर, तेज और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा मंजूर 24 कार्यों में नई सड़कों के सात, पुल एवं पहुंच मार्गों के दो, सड़कों के उन्नयन के तीन तथा चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के 12 कार्य शामिल हैं।
दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव सहित विभिन्न जिलों में नई सड़कें बनाई जाएंगी। दुर्ग जिले में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा राज्य मार्ग में पुल-पुलिया सहित 5.28 किलोमीटर फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 28 करोड़ 2 लाख 70 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। धमतरी में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए तथा राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में पुल-पुलियों सहित आठ किलोमीटर फोरलेन परिक्रमा पथ के लिए 46 करोड़ 22 लाख 8 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
बिलासपुर, महासमुंद, बलरामपुर-रामानुजगंज और रायगढ़ जिलों में भी विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। बिलासपुर जिले में 17.61 किलोमीटर झाल से नगपुरा मार्ग, महासमुंद में 6.50 किलोमीटर सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग, बलरामपुर-रामानुजगंज में 7.60 किलोमीटर सिविलदाग-नीलकंठपुर सड़क तथा रायगढ़ में 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के निर्माण की निविदाएं स्वीकृत की गई हैं।
बिलासपुर जिले में अरपा नदी पर लोधीपारा-कोनी मार्ग में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग तथा चोरहादेवरी-परसदा मार्ग में खारून नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण भी होगा। इन दोनों कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
बलरामपुर-रामानुजगंज, रायपुर और रायगढ़ में सड़क उन्नयन के तीन कार्यों के लिए करीब 79 करोड़ रुपए की निविदाएं मंजूर की गई हैं। इनमें परसवार-चलगली मार्ग, अभनपुर के पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 का फोरलेन उन्नयन तथा कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क का उन्नयन शामिल है।
धमतरी में कई महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। वहीं रायगढ़ जिले में रायगढ़-लोइंग-महापल्ली तथा रायगढ़-कोतरा-नंदेली मार्ग के पांच-पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए क्रमशः 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार और 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदाएं स्वीकृत की गई हैं।
कांकेर से सरगुजा तक सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी विभिन्न कार्यों को मंजूरी मिली है। कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर राज्यीय राजमार्ग के 36.80 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, बेमेतरा में देवकर-साजा-खम्हरिया मार्ग, दुर्ग में भिलाई-सिरसा-औरी-मोतीपुर मार्ग, सरगुजा में सोनतराई-मैनपाट मार्ग तथा महासमुंद में बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग के कार्य इनमें शामिल हैं।
राज्य शासन ने सभी संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को विभागीय मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अनुबंधित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने और प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में कार्य संपादित कराने पर भी जोर दिया गया है।
