प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से निरंतर कौशल विकास और नई तकनीकों को अपनाने का किया आह्वान, वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत ने हासिल किया 10वां स्थान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में युवाओं से निरंतर कौशल विकास करने, नई तकनीकों को अपनाने और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षताओं को निखारने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और काम करने की क्षमता भी सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कौशल विकास युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री ने वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम के सदस्यों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के अनुभवों को सुना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्जित ज्ञान का उपयोग देश की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ कदमताल करते हुए अपनी क्षमताओं का लगातार विकास करना चाहिए, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत पहचान बना सकें।

प्रधानमंत्री ने व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) से कम नहीं है। उनके अनुसार, देश के विकास के लिए ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जिनके पास सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कार्यों को कुशलतापूर्वक करने की क्षमता भी हो। उद्योगों की बदलती जरूरतों को समझना, नवीन तकनीकों का उपयोग करना और समस्याओं का समाधान करना आधुनिक कार्यक्षेत्र की महत्वपूर्ण अपेक्षाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने तथा प्रतियोगिता के दौरान प्राप्त अनुभवों को देश के अन्य युवाओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। इससे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार करने, प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने और युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में सहायता मिल सकती है।

48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 का आयोजन चीन के राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र में 22 से 27 सितंबर तक किया गया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने अनेक व्यावसायिक और तकनीकी कौशलों में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। भारत ने प्रतियोगिता में 10वां स्थान प्राप्त किया। भारतीय दल ने छह रजत पदक तथा उत्कृष्टता के लिए 20 पदक हासिल किए। यह उपलब्धि भारतीय युवाओं की तकनीकी दक्षता, मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाती है।

वर्ल्डस्किल्स जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं। साथ ही, इनके माध्यम से विभिन्न देशों की प्रशिक्षण पद्धतियों, कार्यकुशलता और तकनीकी नवाचारों को समझने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट है कि भारत के युवाओं को बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहना होगा। कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार को प्राथमिकता देकर ही युवा भविष्य के रोजगार अवसरों का लाभ उठा सकते हैं और विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।

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