चेन्नई, 11 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज पूरी दुनिया तेजी से उभरती चुनौतियों के समाधान तलाश रही है और भारत के युवाओं में इन चुनौतियों का समाधान देने की प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अपनी नवाचार क्षमता, नए विचारों और तकनीकी दक्षता के बल पर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ विश्व के भविष्य को भी नई दिशा देंगे। प्रधानमंत्री चेन्नई में जयगोपाल गरोड़िया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामने असीम संभावनाएं हैं। उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानकर उनका उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। युवाओं के विचार और उनके द्वारा विकसित समाधान केवल भारत की प्रगति तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास, नवाचार और विकास के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती से देश की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ तकनीकी कौशल, उद्यमिता और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता, इंजीनियरिंग निर्यात की उपलब्धियों और मोबाइल फोन विनिर्माण में देश की स्थिति का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता बन चुका है।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह बदलाव भारत की उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और वैश्विक बाजार में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाने और देश को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे ले जाने का आह्वान किया।
देश में शहरी परिवहन के विकास पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश के पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब इनका विस्तार 25 शहरों तक हो चुका है। शहरी परिवहन के विस्तार से आवागमन की सुविधा बढ़ने, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास और शहरों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
तमिलनाडु के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन राज्य की प्रगति और जनता के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने की बात कही। उनका जोर राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करने पर रहा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह की बधाई दी। उन्होंने विद्यालय की यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि पश्चिम माम्बलम क्षेत्र में वर्ष 1975 में सात विद्यार्थियों के साथ शुरू हुई यह शैक्षणिक पहल पांच दशकों की यात्रा पूरी कर चुकी है। समारोह में शिक्षा, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
