‘कांकेयर’ ब्रांड बना ग्रामीण महिलाओं की पहचान

शुद्ध जैविक उत्पादों की लगातार बढ़ रही मांग, स्वसहायता समूहों की मेहनत से तैयार हो रहे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद
रायपुर, 22 जुलाई 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा ‘कांकेयर’ ब्रांड तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह ब्रांड कांकेर जिले की हजारों ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों का प्रतीक बनकर उभर रहा है। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे इन उत्पादों को बाजार में बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है और शुद्ध एवं जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच ‘कांकेयर’ ब्रांड ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अवसर प्रदान कर रहा है।


प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग
‘कांकेयर’ ब्रांड के तहत सरसों तेल, अरहर दाल, छिंद गुड़, शहद, रागी, कोदो, मक्का, आम का अचार सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। दण्डकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में उत्पादित इन सामग्रियों को पारंपरिक और जैविक पद्धति से तैयार किया जाता है। इन उत्पादों की खासियत यह है कि इनके उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से बचते हुए प्राकृतिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाती है।
स्वसहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि और वन उपज को प्रसंस्कृत कर बाजार के अनुरूप उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर मूल्य मिल रहा है और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आय के नए साधन भी विकसित हो रहे हैं।


गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष जोर
‘कांकेयर’ ब्रांड के उत्पाद एफएसएसएआई से पंजीकृत हैं। इससे उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। प्राकृतिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि को देखते हुए ‘कांकेयर’ ब्रांड के उत्पाद स्थानीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
ब्रांड से जुड़ी महिलाओं का प्रयास है कि पारंपरिक स्वाद और प्राकृतिक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर बाजार उपलब्धता के साथ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।


सी-मार्ट और एफपीसी के माध्यम से बिक्री
वर्तमान में ‘कांकेयर’ उत्पादों का सी-मार्ट और कांकेश्वरी एफपीसी के माध्यम से स्थानीय बाजारों में वितरण एवं बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। जिला पंचायत परिसर में स्थापित पैकेजिंग इकाई के माध्यम से इन उत्पादों की थोक खरीदी भी की जा सकती है। इसके अलावा, ‘Kancare.Shop’ वेबसाइट के माध्यम से उपभोक्ता ऑनलाइन ऑर्डर कर घर बैठे शुद्ध और प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं।
इस व्यवस्था से ग्रामीण महिला उद्यमियों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी अपने उत्पादों को व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।


बिक्री में लगातार बढ़ोतरी
कांकेर जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, अब तक ‘कांकेयर’ ब्रांड के 92 किलोग्राम अरहर दाल, 5.5 किलोग्राम शहद, 5 किलोग्राम छिंद गुड़, 9 किलोग्राम रागी आटा और 6 किलोग्राम मक्का आटा की बिक्री हो चुकी है। इन उत्पादों की बिक्री से यह संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं के बीच स्थानीय और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों के प्रति रुचि बढ़ रही है।
‘कांकेयर’ ब्रांड आज केवल उत्पादों की बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की नई पहचान बनकर उभर रहा है। महिला स्वसहायता समूहों की मेहनत से तैयार यह ब्रांड स्थानीय संसाधनों को रोजगार और आय के अवसरों में बदलने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है। आने वाले समय में इसके विस्तार से अधिक महिलाओं को जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

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