रायपुर, 11 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके योगदान की सराहना की। मंत्रिपरिषद ने केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में आवास, पेयजल, स्वच्छता, खाद्यान्न, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली और डिजिटल संपर्क जैसी सुविधाओं के विस्तार के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति तथा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के नेतृत्व का अभिनंदन
राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व की यात्रा को ऐतिहासिक बताया गया। इसमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), डिजिटल भुगतान, वित्तीय समावेशन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णयों का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में सहकारी संघवाद के माध्यम से राज्यों की भागीदारी बढ़ाने तथा कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में केंद्र सरकार की भूमिका की सराहना की गई।
सुशासन और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
राज्य सरकार ने गुजरात में शुरू हुए प्रशासनिक नवाचारों और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली से प्रेरणा लेने का उल्लेख किया। पीएम गतिशक्ति के माध्यम से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को तकनीक से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। राज्य के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांवों के जियो-रेफरेंस्ड होने की बात कही गई।
निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम और जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से किए गए सुधारों का उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है।
आवास, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण की योजनाओं का उल्लेख
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण होने की जानकारी दी। स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लाभान्वित परिवारों और नागरिकों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। सरकार के अनुसार, उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं, जबकि आयुष्मान भारत के अंतर्गत 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है।
खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग 73 लाख परिवारों के 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया। किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और धान उपार्जन के माध्यम से दिए जा रहे आर्थिक सहयोग को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समाज के लिए अवसर
महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई। लखपति दीदी कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से महिलाओं तथा जनजातीय समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। खेलो इंडिया के अंतर्गत खेल सुविधाओं के विकास और बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी तथा एथलेटिक्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई।
जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की भूमिका का उल्लेख किया गया। राज्य सरकार ने नवा रायपुर में डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को भी सांस्कृतिक सम्मान और जनजातीय विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
सड़क, रेल, बिजली और डिजिटल नेटवर्क का विस्तार
राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, रेल परियोजनाओं, मोबाइल नेटवर्क और ऊर्जा क्षेत्र में जारी कार्यों को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और रायपुर-दुर्ग बायपास जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों, बिजली कनेक्शनों और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना की जानकारी भी साझा की गई।
बस्तर में शांति और विकास पर विशेष जोर
राज्य सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बस्तर में सड़क निर्माण, स्कूलों को दोबारा खोलने, आवास उपलब्ध कराने और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा राशन जैसी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। सरकार ने कहा कि शांति और विकास के समन्वय से जनजातीय क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम जारी है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती
मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की। राज्य शासन पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुका है। इस निर्णय से सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस सेवा में अवसर उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग होगा
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया जाएगा। यह निर्णय विभागीय नामकरण में बदलाव से संबंधित है।
बैठक के समापन पर राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई। सरकार ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधन, कृषि, महिला शक्ति, युवा क्षमता, जनजातीय संस्कृति और निवेश की संभावनाएं भविष्य के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।
