नक्सलवाद से दिव्यांग हुए जनजातीय लोगों को कृत्रिम अंग और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही सरकार: अमित शाह

सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित, प्रभावित लोगों का जीवन संवारने और सम्मान के साथ जीने में मदद का प्रयास

8,526 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 455 को रोजगार और 129 को मिली जमीन

रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए जनजातीय लोगों को कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें और सम्मान के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकें। सरकार नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके जीवन को फिर से संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने लंबे समय तक बस्तर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में जनजातीय समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हिंसा के कारण दिव्यांग हुए लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

जगदलपुर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजनों को मिला लाभ

गृह मंत्री के अनुसार, 5 से 7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में आयोजित सहायता कार्यक्रम के माध्यम से 3,600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया। इनमें बस्तर क्षेत्र के 1,570 से अधिक हितग्राही शामिल थे। प्रभावित लोगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाना और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करना है।

यह पहल नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ ही समाज में उनके सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को दैनिक गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं।

नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प पूरा होने का दावा

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में सुरक्षा बलों, प्रशासन और जनजातीय समाज के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

पुनर्वास, रोजगार और आवास पर जोर

गृह मंत्री ने नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों और प्रभावित समुदायों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 455 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और 129 लोगों को जमीन आवंटित की गई है।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4,000 से अधिक मकान उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, 2,300 से अधिक जनजातीय लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।

सरकार की इन पहलों का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन बहाल करना, लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और रोजगार, आवास तथा कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। नक्सलवाद से प्रभावित दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराने की पहल भी इसी व्यापक पुनर्वास प्रयास का हिस्सा है।

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