जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की मुलाकात, कांग्रेस सांसद पर कार्रवाई की मांग

सांसद बिमोल अकोइजम का मामला आचार समिति को भेजने का आग्रह, छत्तीसगढ़ की सांसद रूप कुमारी चौधरी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026/ भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए मामले को संसद की आचार समिति के पास भेजने और सांसद के आचरण पर विचार करने का आग्रह किया।

इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के महासमुंद से सांसद रूप कुमारी चौधरी, भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी और सांसद डी. पुरंदेश्वरी तथा सांसद बांसुरी स्वराज सहित अन्य महिला सांसद शामिल थीं। इस मामले में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व रूप कुमारी चौधरी की मौजूदगी के कारण विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

महिला सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में महिला सम्मान, छात्राओं की सुरक्षा, सार्वजनिक जीवन में नैतिक जवाबदेही और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दे उठाए। सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच और उसके आधार पर की गई कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए मामले की संसदीय स्तर पर समीक्षा की जाए।

सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने अकोइजम के विरुद्ध शिकायतों को सही पाया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मामले को आचार समिति के पास भेजने और इस बात पर विचार करने का आग्रह किया कि क्या ऐसी परिस्थितियों में संबंधित सांसद का लोकसभा सदस्य बने रहना उचित है।

जेएनयू ने जांच के बाद की थी कार्रवाई

यह मामला जेएनयू में महिला विद्यार्थियों की ओर से तत्कालीन प्राध्यापक अकोइजम के विरुद्ध लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोपों से संबंधित है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति ने मामले की जांच की थी। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय ने अकोइजम की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

अकोइजम मणिपुर के इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद हैं। विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। दिल्ली पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और जांच जारी है।

हालांकि, अकोइजम ने विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई को अनुचित बताते हुए अपना पक्ष रखा है। इसलिए मामले में विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई, पुलिस जांच और संसद में संभावित कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

कांग्रेस की चुप्पी पर भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा की महिला सांसदों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उनका कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों को गंभीरता दिखानी चाहिए।

अब इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष की ओर से ज्ञापन पर की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आचार समिति को संदर्भ भेजने अथवा सांसद के विरुद्ध संसदीय कार्रवाई का निर्णय संबंधित संसदीय प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

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