बलरामपुर (कुसमी)। तहसील कार्यालय कुसमी में पदस्थ नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा की कार्यशैली और कथित टिप्पणी को लेकर स्थानीय हिंदू समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान तहसील कार्यालय के सूचना पटल पर दर्ज की गई एक टिप्पणी से नाराज हिंदू समाज के प्रतिनिधियों और दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने बुधवार को कुसमी एसडीएम बालेश्वर राम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से नायब तहसीलदार का दो दिनों के भीतर अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की गई है। मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन और तहसील घेराव की चेतावनी दी गई है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख धार्मिक उत्सव के दौरान शासकीय सूचना पटल पर की गई अमर्यादित टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी से सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मानजनक आचरण अपेक्षित रहता है, लेकिन अधिकारी के इस कृत्य से समाज में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों से दुर्व्यवहार और कार्यप्रणाली पर सवाल
ज्ञापन में केवल टिप्पणी ही नहीं, बल्कि अधिकारी के सामान्य व्यवहार और कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रतिनिधियों ने उल्लेख किया कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से राजस्व मामलों के समाधान के लिए आने वाले ग्रामीणों के साथ नायब तहसीलदार का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहता। उनके कथित दुर्व्यवहार के कारण कई ग्रामीणों ने कार्यालय जाना तक छोड़ दिया है। इसके अलावा, प्रभार वाली ग्राम पंचायतों में राजस्व और अन्य शासकीय कार्यों के लंबित रहने से जनजातीय बहुल क्षेत्र के लोगों को समय पर न्याय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
48 घंटे का अल्टीमेटम, तहसील घेराव की चेतावनी
हिंदू समाज ने जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नायब तहसीलदार का स्थानांतरण दो दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो हिंदू समाज तहसील कार्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। समाज ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

निष्पक्ष जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे रिपोर्ट: एसडीएम
मामले में कुसमी एसडीएम बालेश्वर राम ने कहा कि ज्ञापन प्राप्त हुआ है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और वस्तुस्थिति से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
