कोंडागांव। सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र और केशकाल वनमंडल के अंतर्गत अलग-अलग गांवों में 14 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल करने वाले तेंदुए का वन विभाग की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। इस घटना में एक महिला की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। सभी घायलों को उचित उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम कारीपानी (बोरई) में रात लगभग 9 बजे तेंदुए ने तीन व्यक्तियों पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के संचालक और उनकी पूरी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई।
इसके बाद 15 अक्टूबर 2026 को केशकाल वनमंडल के अंतर्गत ग्राम बस्तरबुडरा में सुबह लगभग 5 बजे तेंदुए द्वारा पांच व्यक्तियों पर हमला किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुरी लाया गया। गंभीर रूप से घायल दुवारू पिता बिसरू, जाति गोंड, को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल कांकेर रेफर किया गया। वहीं रमशिला मंडावी पति नंदेश, जाति गोंड, को जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
तेंदुए को पकड़ने के लिए केशकाल वनमंडल के उप वनमंडलाधिकारी और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के संचालक एवं उनकी टीम ने ग्राम बस्तरबुडरा में रेस्क्यू अभियान चलाया। हालांकि, तेंदुआ लगातार अपना स्थान बदल रहा था, जिसके कारण वह पकड़ में नहीं आ सका। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों और गांवों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने और अकेले घूमने से बचने की सलाह दी गई।
इसी दौरान 15 अक्टूबर की शाम लगभग 6 बजे तेंदुए ने कारीपानी (बोरई) में दो और लोगों पर हमला कर दिया। रेस्क्यू टीम ने रात में भी अभियान जारी रखा, लेकिन तेंदुए की लगातार बदलती लोकेशन के कारण उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली।
16 अक्टूबर 2026 को सुबह बहीगांव-आमानार क्षेत्र के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद तेंदुए ने आमगांव के चार व्यक्तियों पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व के संचालक और उनकी पूरी टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने तेंदुए की लोकेशन का पता लगाकर अभियान चलाया और अंततः उसका सफल रेस्क्यू कर लिया। सभी घायलों को उचित उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की
घटना को देखते हुए वन विभाग ने संबंधित गांवों और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने के कारण आसपास अन्य तेंदुओं और हिंसक वन्य प्राणियों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को अनावश्यक रूप से जंगल, झाड़ियों, खेतों और सुनसान स्थानों पर जाने से रोकें। आवश्यक कार्य होने पर समूह में ही बाहर निकलें। किसी भी हिंसक वन्य प्राणी के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों को सूचना दें।

वर्तमान में सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व और केशकाल वनमंडल की संयुक्त टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है।
