नई दिल्ली। विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेशों में तीनों नेताओं ने बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय के प्रतीक इस पर्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने देशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक है। भगवान राम को धर्म, मर्यादा और सदाचार के आदर्श के रूप में देखा जाता है। यह पर्व हमें सत्य के मार्ग पर चलने तथा अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विजयादशमी अधर्म और अन्याय पर धर्म तथा न्याय की विजय का उत्सव है। उन्होंने नागरिकों से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में निहित आदर्शों को बनाए रखने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने समावेशी समाज के निर्माण पर बल देते हुए सभी देशवासियों के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और कल्याण की कामना की।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने दशहरा और विजयादशमी के अवसर पर भारतवासियों के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ये पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साझा सभ्यतागत मूल्यों और विविधता में एकता की भावना को अभिव्यक्त करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का संदेश देता है। यह सत्य, धर्म और न्याय के प्रति विश्वास को मजबूत करता है। देश के विभिन्न हिस्सों में दशहरा अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। इन विविध परंपराओं के बावजूद पर्व का मूल संदेश समान है—सत्य की विजय और सदाचार की स्थापना।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि विजयादशमी जैसे त्योहार समाज में सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करेंगे। साथ ही, लोगों को शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजयादशमी पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने आशा व्यक्त की कि हर्ष और विश्वास से परिपूर्ण यह विजय पर्व सभी के संकल्पों को नई शक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने कामना की कि देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आए।
विजयादशमी भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व भगवान राम की विजय के साथ-साथ मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की स्मृति से भी जुड़ा है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में रावण दहन, धार्मिक अनुष्ठानों, शोभायात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इसे मनाया जाता है।
तीनों शीर्ष संवैधानिक नेताओं के शुभकामना संदेशों में सत्य, धर्म, न्याय, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता के महत्व को प्रमुखता मिली। विजयादशमी का संदेश लोगों को बुराइयों का त्याग करने, सदाचार अपनाने और समाज तथा राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
