आरएसएस के 101वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयंसेवकों को दी बधाई

सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव में संघ का योगदान उल्लेखनीय : नरेंद्र मोदी

‘राष्ट्र-प्रथम’ की भावना से भारत माता की सेवा कर रहे स्वयंसेवक : अमित शाह

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संघ के स्वयंसेवकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने अपने संदेशों में राष्ट्रसेवा, सामाजिक सद्भाव, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता देश को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय शतक पूरा किया है। उन्होंने संघ के उन अनगिनत स्वयंसेवकों के योगदान को सराहा, जिन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने कामना की कि संघ की सेवा और समर्पण की यह परंपरा आने वाले वर्षों में भी देश के विकास को नई शक्ति प्रदान करती रहे।

प्रधानमंत्री के संदेश में समाज के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना को विशेष महत्व दिया गया। संघ के स्वयंसेवक लंबे समय से शिक्षा, सेवा, सामाजिक जागरूकता, आपदा राहत और जरूरतमंदों की सहायता जैसे क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से योगदान देते रहे हैं। संघ से जुड़े सेवा कार्यों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग, संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक ‘राष्ट्र-प्रथम’ की भावना और अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत माता की सेवा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में स्वयंसेवकों द्वारा किए जाने वाले सेवा कार्य एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

शाह ने संघ की राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वयंसेवकों के समर्पण और अनुशासन की सराहना की। उनके संदेश में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा समाज के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा प्रमुख रही।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। वर्ष 2026 में संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। संघ की स्थापना का उद्देश्य समाज को संगठित करना, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करना तथा राष्ट्रजीवन में सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा है।

स्थापना दिवस संघ के स्वयंसेवकों के लिए अपने कार्यों की समीक्षा करने और समाज के प्रति दायित्वों को नए सिरे से संकल्पित करने का अवसर भी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के संदेशों ने राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय विकास के प्रति समर्पण के महत्व को फिर रेखांकित किया।

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