नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर हुआ विचार-विमर्श
रायपुर, 24 जुलाई 2026। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार, निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया।
बैठक में निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और भविष्य में निजी विश्वविद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के विस्तार की संभावनाओं को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, उनके संचालन तथा उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार युवाओं के बेहतर भविष्य और प्रदेश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से भी अपेक्षा व्यक्त की कि वे शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएं। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार से प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकेगा।
भेंट के दौरान निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने विश्वविद्यालयों के विस्तार और नई संस्थाओं की स्थापना से जुड़े विषयों पर राज्यपाल के साथ चर्चा की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय तथा विद्यार्थियों के हित में नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग के कुलाधिपति आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ चिन्मय दावड़ा तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।
बैठक को राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जहां विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होंगे, वहीं प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
