बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र तेजी से शक्तिशाली होकर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, यह मौसम तंत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्र के निकट पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है।
ओडिशा में बचाव और राहत की तैयारियां तेज
तूफान की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में बचाव कार्यों के लिए 302 टीमें तैयार रखी गई हैं। दक्षिणी ओडिशा के पांच जिलों में बुधवार और गुरुवार को शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा भी हो सकती है। समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की आशंका के मद्देनजर मछुआरों तथा समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। 28 अक्टूबर को भी कई स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। तूफान की वास्तविक दिशा और तट से टकराने का सटीक स्थान मौसम प्रणाली की आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा।
छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदलने की संभावना
इस चक्रवाती प्रणाली का प्रभाव छत्तीसगढ़ में भी पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार, 27 से 29 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। 27 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 28 और 29 अक्टूबर को भी कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभावित जिलों की स्थिति के बारे में मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन से ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने से खेतों में तैयार हो रही धान की फसल, कटाई, मिंजाई और खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज प्रभावित हो सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं तथा कटी हुई फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए।

मौसम विभाग इस प्रणाली की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रशासन और नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें। तूफान की दिशा, गति और वर्षा के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है, इसलिए अगले कुछ दिनों के मौसम बुलेटिन महत्वपूर्ण रहेंगे।
