शालिनी वर्मा बोलीं—नक्सलवाद की तरह वैचारिक अराजकता का भी लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे मुकाबला, अनंत सोनी ने राष्ट्रहित और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा का किया आह्वान
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रायपुर महानगर की ओर से ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ आह्वान के अंतर्गत विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन का आयोजन किया गया। सप्रे मैदान से जनसंपर्क कार्यालय तक निकाली गई रैली में 3000 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रदर्शन में अभाविप की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री एवं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा तथा छत्तीसगढ़ प्रांत मंत्री अनंत सोनी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया गया।

रैली में विद्यार्थियों ने ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ के नारे के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक मर्यादाओं के पालन का आह्वान किया। अभाविप ने कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान, कानून और जनता के मताधिकार पर आधारित है। असहमति और विरोध लोकतंत्र के महत्वपूर्ण अधिकार हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने अथवा अराजकता के माध्यम से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने के प्रयासों का विरोध किया जाना चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।

अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती से यह संदेश दिया जा रहा है कि विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता फैलाना, भ्रामक प्रचार करना और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने NEET, SIR और संविधान से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि गंभीर विषयों की आड़ में देशविरोधी विचारों का महिमामंडन करने के प्रयासों का युवा वैचारिक स्तर पर जवाब देंगे।
शालिनी वर्मा ने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने वालों को उसके प्रावधानों और मर्यादाओं को समझना चाहिए तथा उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध हुए संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं, उसी तरह आने वाले वर्षों में वैचारिक अराजकता का भी लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्र निर्माण की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि राष्ट्रहित, लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अभाविप के छत्तीसगढ़ प्रांत मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास करने वाली ताकतों को देश की युवा शक्ति जवाब देगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति निष्ठा केवल नारों या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि विचारों और आचरण से सिद्ध होती है। लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का अर्थ अराजकता फैलाने की छूट नहीं है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का समर्थन करता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अनंत सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का राजनीतिक स्वार्थ के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। देश का युवा भारत की एकता, अखंडता, संविधान और तिरंगे के सम्मान के प्रति सजग है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से राष्ट्रहित के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अभाविप के अनुसार, लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनका समाधान संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर ही होना चाहिए।

प्रदर्शन के समापन पर खुले मंच से केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य शालिनी वर्मा, प्रांत मंत्री अनंत सोनी, प्रदेश सह मंत्री हेमांशु कौशिक, प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, रायपुर महानगर मंत्री सजल गुप्ता और रायपुर महानगर छात्रा प्रमुख हर्षित कौर सहित अन्य पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
