सेमीफाइनल में मिस्र की बार्ब सामेह को 3-1 से हराया, फाइनल में रुकैया सलेम से होगा मुकाबला
भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। कनाडा के ओंटारियो में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की बार्ब सामेह को 3-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। इस जीत के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय स्क्वैश के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन
सेमीफाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले में उन्होंने बेहतरीन नियंत्रण, आक्रामक खेल और मजबूत मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया। अनाहत ने मिस्र की बार्ब सामेह को 3-1 से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
खिताब के लिए मिस्र की रुकैया सलेम से मुकाबला
फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह का सामना मिस्र की रुकैया सलेम से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला यह मुकाबला खिताब के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगा। फाइनल मैच आज भारतीय समयानुसार रात करीब साढ़े दस बजे शुरू होने की उम्मीद है। भारतीय खेल प्रशंसकों की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी हैं और सभी को अनाहत से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

जोशना चिनप्पा के बाद दूसरी भारतीय खिलाड़ी
अनाहत सिंह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले भारतीय स्क्वैश की दिग्गज खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाई थी। अनाहत की यह उपलब्धि भारतीय स्क्वैश के लिए विशेष महत्व रखती है और इसे देश में इस खेल की बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
क्वार्टर फाइनल में भी दर्ज की थी शानदार जीत
फाइनल में पहुंचने से पहले अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। गुरुवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिस्र की हबीबा रिज्क को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। लगातार दो मुकाबलों में मिस्र की खिलाड़ियों को हराकर फाइनल तक पहुंचना अनाहत के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
भारतीय स्क्वैश के लिए बड़ी उपलब्धि
अनाहत सिंह की इस सफलता से भारतीय स्क्वैश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ी है। युवा खिलाड़ियों के लिए भी उनका प्रदर्शन प्रेरणादायक माना जा रहा है। विश्व जूनियर स्तर पर फाइनल तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है और अनाहत ने अपने शानदार खेल से यह साबित किया है कि भारतीय स्क्वैश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
अब खिताब पर होगी अनाहत की नजर
सेमीफाइनल में जीत के बाद अब अनाहत सिंह की नजर विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने पर होगी। फाइनल में उन्हें रुकैया सलेम की चुनौती का सामना करना होगा। भारतीय प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि अनाहत फाइनल में भी अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखेंगी और देश के लिए प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इतिहास रचेंगी।
अनाहत सिंह का फाइनल तक का सफर भारतीय स्क्वैश के लिए गर्व का विषय है। अब सभी की नजरें ओंटारियो में होने वाले खिताबी मुकाबले पर रहेंगी, जहां अनाहत के पास विश्व जूनियर चैंपियन बनने का सुनहरा मौका होगा।
