पुजारी कांकेर के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान मिली विस्फोटक सामग्री, 196वीं वाहिनी और 208वीं कोबरा की कार्रवाई
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुजारी कांकेर के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों ने मौके से 143 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राउंड और एक सिंटेक्स टंकी जब्त की है। यह कार्रवाई 196वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और 208वीं कोबरा वाहिनी की संयुक्त टीम ने की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पामेड़ एरिया कमेटी के अज्ञात माओवादियों द्वारा पुजारी कांकेर कैंप से लगभग पांच किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में पहाड़ी क्षेत्र में संदिग्ध सामग्री छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाने की योजना बनाई। इसके बाद जवानों की संयुक्त टीम ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सावधानीपूर्वक सर्चिंग शुरू की।
अभियान आईजी सेक्टर छत्तीसगढ़ के. कबीब के दिशा-निर्देश तथा डीआईजी ऑप्स रेंज बीजापुर बी.एस. नेगी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। 196वीं वाहिनी के कमांडेंट कुमार मनीष के निर्देशन में सीआरपीएफ और 208वीं कोबरा वाहिनी के जवानों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच जवानों ने संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से जांच की। इसी दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखी गई सामग्री का पता चला।
तलाशी में कुल 143 बीजीएल राउंड और एक सिंटेक्स टंकी बरामद हुई। बीजीएल राउंड ग्रेनेड लॉन्चर से संबंधित गोला-बारूद होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में इनकी बरामदगी को सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बरामद सामग्री को सुरक्षा की दृष्टि से अपने कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना उसूर पुलिस को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि पुजारी कांकेर का जंगल-पहाड़ी क्षेत्र पहले भी माओवादी गतिविधियों और सुरक्षा अभियानों के कारण चर्चा में रहा है। इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और लगातार चलाए जा रहे तलाशी अभियानों का उद्देश्य माओवादियों के ठिकानों तथा उनके द्वारा छिपाकर रखी गई सामग्री का पता लगाना है। ऐसे अभियानों से क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलती है।

इस बरामदगी के संबंध में जिला पुलिस की ओर से फिलहाल अलग से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जब्त सामग्री थाना उसूर को सौंप दी गई है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
