नई दिल्ली:
शिक्षा मंत्रालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी छात्रों को राहत देते हुए राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (National Means-cum-Merit Scholarship Scheme – NMMSS) के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब पात्र छात्र 15 नवंबर तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (National Scholarship Portal – NSP) के माध्यम से अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, तिथि बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य छात्र तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से इस अवसर से वंचित न रहे। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह पोर्टल चालू शैक्षणिक सत्र के लिए 1 जून से खुला है।
2.90 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 अक्टूबर तक पोर्टल पर लगभग 90,000 नए आवेदन और करीब 2,00,000 नवीनीकरण (Renewal) के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
मंत्रालय ने सत्यापन प्रक्रिया के लिए भी दिशा-निर्देश और समय-सीमा तय की है। जिन विद्यार्थियों ने अपने आवेदन जमा कर दिए हैं, उन्हें 30 नवंबर तक संस्थान स्तर (School/Institute Level) पर और 15 दिसंबर तक जिला स्तर पर अपने आवेदनों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
छात्रवृत्ति की राशि और वित्तीय सहायता
NMMSS योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रति वर्ष ₹12,000 की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह राशि सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
यह छात्रवृत्ति कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रदान की जाती है, जिससे कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों पर पढ़ाई का वित्तीय बोझ न पड़े और वे अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर सकें।
योजना का उद्देश्य और पात्रता
इस राष्ट्रीय योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) होनहार छात्रों की दर को कम करना है।
- छात्रवृत्तियों की संख्या: हर साल देशभर में कक्षा 9 के पात्र विद्यार्थियों के लिए 1,00,000 नई छात्रवृत्तियां स्वीकृत की जाती हैं।
- पात्रता मानदंड: केवल वही छात्र इसके लिए पात्र हैं जो राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूलों में पढ़ रहे हों। इसके अलावा, छात्र के माता-पिता की कुल वार्षिक आय ₹3,50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

शिक्षा मंत्रालय ने सभी पात्र विद्यार्थियों से समय रहते पंजीकरण और आवेदन पूरा करने की अपील की है।
