रायपुर, 29 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने चार नए औद्योगिक पार्क (मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर) विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत औद्योगिक विकास योजना की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई।
इन 4 जिलों में बनेंगे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
समिति की दूसरी बैठक में प्रदेश के चार जिलों में औद्योगिक पार्क स्थापित करने के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें स्वीकृति दी गई। इसके तहत राजनांदगांव जिले के पटेवा में स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, धमतरी जिले के धूम्रपाली में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, जांजगीर-चांपा जिले के सलखान में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा बस्तर जिले के नियानार में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।

इन औद्योगिक पार्कों के विकसित होने से संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
भारत औद्योगिक योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी औद्योगिक विकास नीति के तहत प्रभावी रूप से लागू किया है। राज्य में इस योजना के सुचारू संचालन और विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी देने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
बैठक में राज्य के प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव इफ्फत आरा सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी शामिल थे।

राज्य सरकार के इस निर्णय को छत्तीसगढ़ में संतुलित औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए औद्योगिक पार्कों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे निवेश के नए रास्ते खुलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
