पीएम स्वनिधि योजना के तहत 76.95 लाख स्ट्रीट वेंडरों को 1.15 करोड़ ऋण, 18,475 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित

नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026। सरकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत देशभर में 76 लाख 95 हजार स्ट्रीट वेंडरों को अब तक 1 करोड़ 15 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इन ऋणों की कुल राशि लगभग 18 हजार 475 करोड़ रुपये है। यह योजना रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबार से जुड़े स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

लोकसभा में आज एक लिखित उत्तर में आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने योजना की प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 1 करोड़ 17 लाख 64 हजार से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 15 लाख 15 हजार से अधिक ऋण स्ट्रीट वेंडरों को वितरित किए जा चुके हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत जून 2020 में की गई थी। कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित हुए स्ट्रीट वेंडरों और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के माध्यम से उन्हें आसान शर्तों पर कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना, उनके कारोबार को पुनः स्थापित करने में सहायता करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकार के अनुसार, योजना के तहत ऋण प्राप्त करने वाले स्ट्रीट वेंडरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके माध्यम से रेहड़ी-पटरी लगाने वाले छोटे व्यापारियों को अपने कारोबार के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने में मदद मिल रही है। इससे वे अपने व्यवसाय को बढ़ाने, सामान खरीदने और रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं।

मंत्री तोखन साहू ने बताया कि योजना के तहत 56 लाख 18 हजार लाभार्थी डिजिटल रूप से सक्रिय हैं। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल भुगतान की सुविधा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे छोटे व्यापारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ उनके लेनदेन को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण की सुविधा मिलने से स्ट्रीट वेंडरों के कारोबार को स्थिरता प्रदान करने में सहायता मिल रही है। योजना के जरिए छोटे व्यापारियों को साहूकारों और अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता कम करने का अवसर भी मिला है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से वे अपने कारोबार में निवेश कर रहे हैं और अपनी आय के स्रोत को मजबूत कर रहे हैं।

सरकार का मानना है कि स्ट्रीट वेंडर शहरी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे आम नागरिकों को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के तहत ऋण वितरण की बढ़ती संख्या को सरकार की वित्तीय समावेशन और छोटे कारोबारियों को संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों को योजना का लाभ मिले और वे आत्मनिर्भर होकर अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *