नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा के लिए आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। यह इस मुद्दे पर सीसीएस की चौथी विशेष बैठक थी। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा के साथ नागरिकों, भारतीय समुदाय, नाविकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एलएनजी, एलपीजी, उर्वरक सहित पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। सरकार ने एलपीजी की खरीद के स्रोतों में विविधता लाई है और प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का कुल स्टॉक तथा आपूर्ति की स्थिति पर्याप्त बनी हुई है।
बैठक में बताया गया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन लगातार जारी है। सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन के विस्तार के लिए भी कदम उठाए हैं, जिससे पीएनजी कनेक्शन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सरकार द्वारा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नेशनल गैस ग्रिड के विस्तार, एलएनजी आयात और री-गैसीफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने तथा शहर गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर, 2026 के तहत पाइपलाइन नेटवर्क और अंतिम छोर तक गैस संपर्क को समयबद्ध तरीके से बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और अधिक विविध बनाना है।

बैठक में आगामी रबी मौसम के लिए उर्वरकों की आवश्यकता का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने उर्वरकों की उपलब्धता और वैकल्पिक स्रोतों के संबंध में जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिए कि किसानों को रबी फसल के दौरान उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों को उर्वरक उपलब्धता को लेकर परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सीसीएस की बैठक में संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि नाविकों और उनके परिवारों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपातकालीन सहायता और परामर्श की प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि संकट की परिस्थितियों में नाविकों और उनके परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक संकटों के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार को समन्वित और टीम इंडिया की भावना के साथ काम करना जारी रखना होगा। उन्होंने सभी घटनाक्रमों की नियमित निगरानी और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपायों को तेजी से लागू करने हेतु एक एकीकृत एवं समन्वित व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। बैठक में सरकार की तैयारियों, आपूर्ति व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की निरंतर समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
