नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तस्करी और प्रतिबंधित वस्तुओं के अवैध आयात के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई और मिजोरम में अलग-अलग अभियानों के दौरान करोड़ों रुपये की प्रतिबंधित वस्तुएं जब्त की हैं। अधिकारियों ने मुंबई में एलईडी लाइट और फिक्स्चर के रूप में गलत तरीके से घोषित की गई आयातित खेप से हजारों प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बरामद कीं, जबकि मिजोरम में भारत-म्यांमार सीमा के निकट संदिग्ध गोदामों से विदेशी मूल की अफीम और सुपारी बरामद की गई।

मुंबई में की गई कार्रवाई के दौरान डीआरआई अधिकारियों ने एक आयातित खेप की जांच की, जिसे दस्तावेजों में एलईडी लाइट और फिक्स्चर के रूप में घोषित किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को संदेहास्पद सामग्री मिली और विस्तृत तलाशी लेने पर विभिन्न ब्रांड और फ्लेवर की कुल 9,230 प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बरामद की गईं।

अधिकारियों के अनुसार, बरामद प्रतिबंधित ई-सिगरेट और उन्हें छिपाकर लाने के लिए इस्तेमाल किए गए कवर कार्गो की कुल कीमत लगभग 3.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत प्रतिबंधित है। डीआरआई की कार्रवाई को प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वहीं, मिजोरम में डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स के जवानों के सहयोग से भारत-म्यांमार सीमा के पास चार संदिग्ध गोदामों की तलाशी ली। इस कार्रवाई में लगभग 14.5 मीट्रिक टन अफीम और 14 मीट्रिक टन सुपारी बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दोनों वस्तुएं विदेशी मूल की हैं और इनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 3.60 करोड़ रुपये है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद सामान को भारत-म्यांमार सीमा के जोखावथर क्षेत्र के रास्ते भारत में तस्करी कर लाए जाने की आशंका है। डीआरआई और संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद विदेशी मूल की वस्तुओं को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के बाद तस्करी के संभावित मार्गों और इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

विदेश व्यापार नीति के तहत खसखस के बीजों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। इसके आयात की अनुमति केवल निर्धारित शर्तों के अधीन है। इसमें निर्धारित देशों से कानूनी रूप से खेती की गई उपज का आयात और सभी आयात अनुबंधों का नारकोटिक्स आयुक्त, ग्वालियर के पास अनिवार्य पंजीकरण शामिल है।
डीआरआई की इन दोनों कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि राजस्व और सुरक्षा एजेंसियां प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी तथा गलत घोषणा के जरिए होने वाले अवैध आयात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुंबई में प्रतिबंधित ई-सिगरेट की बड़ी खेप और मिजोरम में विदेशी मूल की संदिग्ध वस्तुओं की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इनके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
