लखनऊ में कल से शुरू होगी ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक

लखनऊ, 02 अगस्त 2026। ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक कल से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुरू होगी। भारत की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही इस बैठक में ब्रिक्स देशों के सांख्यिकी तंत्र को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और सदस्य देशों के बीच सांख्यिकीय सहयोग को और प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।

बैठक का व्यापक विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’ रखा गया है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में विश्वसनीय और सटीक आंकड़ों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नीति निर्माण, आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकीय आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

भारत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। सदस्य देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की सांख्यिकी प्रणालियों, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच सांख्यिकी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है। इसके तहत ब्रिक्स संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन के माध्यम से आंकड़ों के प्रसार को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही सांख्यिकीय आंकड़ों को एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने और उन्हें आम लोगों तथा नीति निर्माताओं तक पहुंचाने के आधुनिक तरीकों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में सांख्यिकी प्रणालियों में नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। डिजिटल तकनीक, आधुनिक डेटा विश्लेषण और नई कार्यप्रणालियों के माध्यम से सांख्यिकीय व्यवस्था को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में सदस्य देश अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। इससे विभिन्न देशों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अपनी सांख्यिकीय प्रणालियों को विकसित करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल किया गया है। सदस्य देशों के बीच अनुभव साझा करने से सांख्यिकी के क्षेत्र में नई कार्यप्रणालियों और प्रभावी प्रणालियों को अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

ब्रिक्स देशों के बीच सांख्यिकीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विश्वसनीय आंकड़े किसी भी देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों के निर्माण की आधारशिला होते हैं। ऐसे में लखनऊ में होने वाली यह बैठक सदस्य देशों के बीच सहयोग और समन्वय को नई गति देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बेहतर सांख्यिकीय प्रणाली विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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