नई दिल्ली, 02 अगस्त 2026। देश के कोयला उत्पादन में जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में 7.51 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोयला मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2026 में देश का कुल कोयला उत्पादन 69.75 मिलियन टन रहा। यह वृद्धि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और बिजली क्षेत्र को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में कोयले की आपूर्ति में भी पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में कोयले की आपूर्ति 17.34 प्रतिशत अधिक रही। उत्पादन और आपूर्ति में हुई यह वृद्धि देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे बिजली संयंत्रों सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई महीने तक देश में कुल कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसी अवधि में कुल कोयला आपूर्ति 354.70 मिलियन टन रही है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जुलाई तक दर्ज आंकड़ों की तुलना में इस अवधि में कुल कोयला उत्पादन और आपूर्ति में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कोयला भारत की ऊर्जा व्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। देश में बिजली उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों पर निर्भर है। ऐसे में कोयला उत्पादन में निरंतर वृद्धि से बिजली संयंत्रों को आवश्यक ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलती है। साथ ही, बढ़ते औद्योगिक उत्पादन और देश की ऊर्जा मांग को पूरा करने में भी कोयला उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जुलाई 2026 में उत्पादन में हुई 7.51 प्रतिशत की वृद्धि कोयला क्षेत्र में निरंतर हो रहे सुधार और उत्पादन क्षमता में विस्तार का संकेत माना जा रहा है। वहीं, आपूर्ति में 17.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि कोयले को उत्पादन केंद्रों से उपभोक्ता क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में 302.24 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 354.70 मिलियन टन आपूर्ति का आंकड़ा देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उत्पादन की तुलना में अधिक आपूर्ति का आंकड़ा यह भी दर्शाता है कि कोयला भंडार और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बिजली और अन्य क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोयला मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ ऊर्जा की मांग लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। कोयला उत्पादन में वृद्धि से बिजली क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ उद्योगों को भी आवश्यक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
सरकार की ओर से कोयला उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। जुलाई 2026 के आंकड़े इसी दिशा में हुई प्रगति को दर्शाते हैं। आने वाले महीनों में उत्पादन और आपूर्ति में निरंतर वृद्धि से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
