रायपुर, 4 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने, खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों, वर्तमान गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन का उद्देश्य राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना, खेल अधोसंरचना को मजबूत करना, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलें और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हॉकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। इसके अलावा राज्य की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए 14 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। इससे प्रशिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक एवं प्रशिक्षण पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा।
खेल गतिविधियों के सुचारू संचालन और जिला स्तर पर खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य शासन ने छह नए जिलों में खेल अधिकारी के पदों का सृजन किया है। इनमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती जिले शामिल हैं। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डन्स की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है।
अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चे और युवा खेल के मैदानों तक पहुंचें तथा खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के समय खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट केवल 4 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 304 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि प्रदेश में खेलों को लेकर सरकार की प्राथमिकता और बढ़ते निवेश को दर्शाती है।
दूरस्थ आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष से सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत भी की गई है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी ने राज्य को देश के खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है। सरकार अब खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है। खेल उत्कर्ष मिशन और क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत करने तथा नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।
