नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस उत्साह और प्रसन्नता के साथ मनाने तथा भारतीय हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। उन्होंने नागरिकों से कम से कम एक हथकरघा उत्पाद खरीदने और अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों के वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की, ताकि देश के बुनकरों और शिल्पकारों के कौशल को देश-दुनिया में व्यापक पहचान मिल सके।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव मना रहा है। उन्होंने देश के बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता तथा समर्पण को नमन करते हुए कहा कि पीढ़ियों से इन शिल्पकारों ने भारत की परंपराओं को संरक्षित और समृद्ध किया है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 7 अगस्त 1905 को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वदेशी आंदोलन का शुभारंभ हुआ था। इस आंदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष किया। स्वदेशी आंदोलन ने देश में स्थानीय उत्पादों को अपनाने और भारतीय कारीगरों तथा उद्योगों को प्रोत्साहित करने की भावना को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि आज हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, परंपरा और रचनात्मकता का जीवंत प्रतीक है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों के बुनकर अपनी विशिष्ट तकनीकों, डिजाइनों और पारंपरिक शिल्प के माध्यम से भारतीय विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने लोगों से निर्धन बुनकर परिवारों और अपने हाथों से कपड़े तैयार करने वाले कलाकारों को समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर बुनकर परिवारों को सशक्त बनाना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हथकरघा क्षेत्र ग्रामीण सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में नागरिकों से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों के साथ वीडियो बनाने और उन्हें साझा करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से हथकरघा उत्पादों को आधुनिक माध्यमों के जरिए लोकप्रिय बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारतीय शिल्पकारों की प्रतिभा और मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार हथकरघा क्षेत्र को निरंतर समर्थन देती रहेगी। उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कारीगरों को रोजगार और सम्मान देने तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
