रायपुर, 7 अगस्त 2026। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में कैम्पा (CAMPA) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। बैठक में वनों के संरक्षण, पर्यावरण विकास और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैम्पा मद के तहत वन क्षेत्रों में पुल-पुलियों, पहुंच मार्गों और आवश्यक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि इन सुदूर क्षेत्रों तक शासन की पहुंच और विकास का लाभ त्वरित गति से पहुंच सके।
बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित कर अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया है। इसमें से 436 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कैम्पा मद से कराए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में कैम्पा निधि से संचालित विभिन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में सिंचित और असिंचित वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वनीकरण, बांस वनों की पुनर्स्थापना तथा वनों के घनत्व में वृद्धि के लिए सिल्वीकल्चरल कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वन्यप्राणी प्रबंधन और चरागाह विकास के कार्य भी जारी हैं।
बैठक में जल एवं मृदा संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। चेक डैम और तालाबों के निर्माण तथा अन्य जल संरक्षण गतिविधियों के माध्यम से भू-जल संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए पहुंच मार्गों और आवश्यक अधोसंरचना के विकास को भी कैम्पा कार्ययोजना में प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कैम्पा निधि से संचालित योजनाओं का प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। वन संरक्षण के साथ-साथ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। विशेष रूप से नक्सल मुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने से शासन की योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण पाण्डेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, कैंपा सीईओ शालिनी रैना सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
