देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्र को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिलों की धड़कन वंदे मातरम के गायन से गूंज रही है। हर घर तिरंगा है, मन तिरंगा है और देश उत्साह तथा उमंग के साथ नए संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज उन महान सपूतों का स्मरण कर रहा है जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से देश को स्वतंत्र कराया। प्रधानमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनके दुख-दर्द को भली-भांति समझती है और उनके साथ खड़ी है।
मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब वह अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। देश अब छोटे सपनों से नहीं बल्कि बड़े सपनों से चलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक बहुत बड़े सपने के साथ आगे बढ़ रहा है। जब 2047 में स्वतंत्रता के सौ साल पूरे होंगे, हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के पुरुषार्थ से ही संभव है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्ष में देश के करोड़ों नागरिकों ने संकल्प और समर्पण के साथ देश को ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया। इसलिए देश के 25 करोड़ नागरिक गरीबी के जाल से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और नई गति से आगे बढ़ा है।
मोदी ने कहा कि देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मोबाइल विनिर्माण तक हर क्षेत्र में कई गुना उत्पादन बढ़ा है। हजारों अनुपालनों को खत्म किया गया और सैकड़ों पुराने कानून समाप्त किए गए। पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचागत विकास को नई ताकत दी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, आत्मगौरव और आत्मनिर्भर होना जरूरी है। भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश में सेमीकंडक्टर को लेकर कोई बड़ी योजना नहीं थी। आज की डिजिटल दुनिया में चिप का महत्व समझते हुए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू किए हैं। आने वाले वर्षों में और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू किए जाएंगे।
मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत हमें विकसित भारत की दिशा में जाने का मार्ग दिखा रहा है। देश महत्वपूर्ण खनिजों के लिए पूरे प्रयास कर रहा है और तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर बनने में संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि सोच की सीमाएं बाधा होती हैं। उन्होंने कहा कि आज देश को कच्चे तेल पर निर्भर होना पड़ रहा है। देश में 99 प्रतिशत समुद्री क्षेत्र को नो-गो एरिया घोषित करके रखा गया था और समुद्र के भीतर तेल की खोज करने की अनुमति नहीं थी। हमने इन क्षेत्रों को गो-अहेड घोषित किया। तेल और गैस भंडार खोजने के लिए समुद्र मंथन की घोषणा की गई और इसके लिए 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में हाइड्रोजन से चलने वाली पहली रेलगाड़ी शुरू की गई है। भारत ने दुनिया में हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी अपनी ताकत दिखाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम शांति अधिनियम से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। भारत ने पांच परमाणु संयंत्र शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में आए संकट का हर किसी पर प्रभाव पड़ा। सरकार ने किसानों पर यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की बढ़ी कीमतों का असर नहीं आने दिया।
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की सुविधा थी। अब देश में पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंच रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें अपनी कार्य संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा शक्ति, माता-बहनों, किसानों और मजदूरों पर पूर्ण भरोसा है। देश सुधार की राह पर आगे बढ़ चुका है और अब अगले स्तर के सुधारों की ओर भी बढ़ेगा।
मोदी ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना से देश में हजारों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि 1925 में रेल का विद्युतीकरण शुरू हुआ और 90 वर्ष में केवल 30 प्रतिशत विद्युतीकरण हो सका, जबकि अब केवल दस वर्ष में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सामर्थ्य ‘सप्त सिंधु’ से ही संभव होगा। उन्होंने देश को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए शक्ति की सप्त धाराओं का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए युवाओं का सहयोग जरूरी है। देश को अब डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक पूरी मूल्य श्रृंखला पर ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और कृषि उत्पादों को बताया। उन्होंने कहा कि हमें कृषि और खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में आगे बढ़ना है। मुक्त व्यापार समझौतों की वजह से भारत को बड़ा बाजार मिला है। हमें खेतों से लेकर निर्यात बाजार तक जाना होगा। रसायन मुक्त खेती को बल देने से विश्व में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

मोदी ने कहा कि सप्त धारा की तीसरी शक्ति तकनीक और नवाचार है। हमें मेड इन इंडिया 6जी सहित हर तरह की तकनीक में अग्रणी बनना होगा।
प्रधानमंत्री ने गतिशक्ति को सप्तधारा की चौथी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी पर बल देना होगा।
मोदी ने कहा कि सप्तधारा की पांचवीं शक्ति रक्षा चक्र है। भारत को वैश्विक आपूर्ति पर ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सप्तधारा की छठी शक्ति पर्यावरण अनुकूल अर्थव्यवस्था और नीली यानी समुद्री अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि हम नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण अनुकूल विनिर्माण और परिवहन पर जोर दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सातवीं धारा भारत की सॉफ्ट पावर है। स्वास्थ्य, फिल्में, वीएफएक्स, गेमिंग जैसे क्षेत्रों को वैश्विक ताकत के रूप में विकसित करना होगा। अपनी सॉफ्ट पावर से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड जैसी वैश्विक महामारी से पूरी व्यवस्था चरमरा गई थी, लेकिन सभी के प्रयासों से देश उस संकट से बाहर निकला। भारत नागरिक देवो भव के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। अब देश के पास तेल भी है और यूरिया भी है।
मोदी ने कहा कि दुनिया का हर देश अब अपनी-अपनी दिशा में आगे बढ़ रहा है। दुनिया संसाधनों को हथियार बनाने में लगी है। ऐसे समय में भारत ने स्वदेशी के मंत्र से इन चुनौतियों का सामना किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पास शक्ति और सामर्थ्य है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक नेतृत्व हमारे हाथ में हो। उन्होंने कहा कि शीर्ष पांच बैंकों में भारत का बैंक होना चाहिए और शीर्ष पांच फार्मा कंपनियों में भारत की एक-दो कंपनियों का नाम गूंजना चाहिए। 2047 के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए पुराने नियमों के साथ नहीं, बल्कि आने वाले सपनों के अनुसार नीतियां बनानी होंगी।
मोदी ने कहा कि दुनिया अब भारत की शक्ति को पहचानने लगी है। इसलिए अनेक देशों ने मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। भारत को अपने उत्कृष्ट स्थानीय उत्पाद दुनियाभर में पहुंचाने होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेड इन इंडिया के तहत हम हवाई जहाज बनाने की दिशा में आगे बढ़े हैं। गांवों में ड्रोन के जरिए स्वामित्व योजना सफल हो रही है।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और उद्योगों को मिलकर आगे बढ़ना होगा। सुधारों को आगे बढ़ाने से सबसे बड़ा लाभ युवाओं को होगा। युवा हमारी पहली प्राथमिकता है। युवा सपने देखें और आगे आएं तो सरकार संसाधनों की कोई कमी नहीं रहने देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2036 के ओलंपिक खेल भारत में हों। जिन स्पर्धाओं में भारत नहीं खेलता और क्वालीफाई नहीं कर पाता, उनमें तीन-चौथाई विधाओं पर बल दिया जाएगा। देश के कोने-कोने से प्रतिभाएं ढूंढने के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर अच्छा खिलाड़ी बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन से भारत ने विश्व को अपनी ताकत दिखाई है। देश की युवा शक्ति एआई के क्षेत्र में भी प्रयास कर रही है।
मोदी ने कहा कि सुरक्षित भारत बनाना सभी का दायित्व होना चाहिए। खतरा सीमाओं के बाहर हो या देश के भीतर, भारत हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आने वाले वर्षों में सिविल डिफेंस का नेटवर्क बढ़ाना होगा और आधुनिक संकटों से निपटने के लिए स्वयंसेवी बल तैयार करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था कर रही है। ‘जो खेले, वो खिले’ मंत्र के तहत भारत खेलों की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। खेलो इंडिया से लेकर पोषण तक सरकार 2036 तक ओलंपिक के आयोजन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तब पूरा होगा जब विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हमने एक दशक के भीतर ही सौ करोड़ देशवासियों को सामाजिक सुरक्षा का कवर दिया है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नशामुक्त भारत के 100 सप्ताह के अभियान से जुड़ने की अपील की।
मोदी ने कहा कि नक्सलवाद ने चार दशक तक भारत की आबादी को दबोच कर रखा था। नक्सलवाद से निपटने में साढ़े तीन हजार से ज्यादा जवानों को प्राणों की आहुति देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल अब भी अपनी चाल चल रहे हैं। देश को ऐसे नक्सलियों को पहचानना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में बहनों और बेटियों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। बेटियां अब हर क्षेत्र में सबसे आगे दिख रही हैं। बेटियां अब चिप निर्माण कर रही हैं। तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। अब देश ने छह करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।
मोदी ने लोगों से महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनने का आह्वान किया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने में सहयोग की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहेब अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुखदेव और राजगुरु ने जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करना है। प्रधानमंत्री ने भाषण के अंत में सभी देशवासियों से राष्ट्रहित की सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
