मुआवजा और पुनर्वास के लंबित मामलों के निराकरण के बाद ही मानिकपुर खदान की जनसुनवाई, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने एसईसीएल को दिए निर्देश

रायपुर, 18 अगस्त 2026। मानिकपुर ओपन कास्ट एक्सपेंशन परियोजना की प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर उद्योग मंत्री एवं कोरबा नगर विधायक लखन लाल देवांगन ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हित में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसईसीएल कोरबा के महाप्रबंधक से चर्चा कर स्पष्ट किया कि मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना से जुड़े लंबित कार्यों का यथोचित निराकरण तथा काचांदी नाला डायवर्सन की प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

मानिकपुर ओपन कास्ट एक्सपेंशन परियोजना के तहत कोयला उत्पादन क्षमता को 5.25 एमटीपीए से बढ़ाकर 7.0 एमटीपीए किए जाने का प्रस्ताव है। परियोजना के विस्तार को लेकर 21 अगस्त 2026 को जनसुनवाई प्रस्तावित थी। जनसुनवाई से पहले प्रभावित ग्रामीणों के मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना से जुड़े मामलों को लेकर मंत्री ने एसईसीएल अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई और लंबित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ली।

चर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से प्रभावित भिलाईखुर्द ग्राम में मार्च 2026 में किए गए सर्वे से संबंधित मुआवजा प्रकरणों के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना से जुड़े कार्य अंतिम चरण में हैं। हालांकि इन मामलों का अभी पूरी तरह निराकरण होना बाकी है। प्रभावित परिवारों से जुड़े मुआवजा और पुनर्वास के मामलों के समाधान को जनसुनवाई से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी तरह कुदरी ग्राम के पास काचांदी नाला डायवर्सन का मामला भी परियोजना के विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। जल संसाधन विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाना है। नाला डायवर्सन की व्यवहारिकता और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं के संबंध में प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट भी अभी प्राप्त होना बाकी है।

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि परियोजना से प्रभावित लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों से जुड़े मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना के मामलों का समाधान किए बिना जनसुनवाई आयोजित करना उचित नहीं होगा। उन्होंने एसईसीएल अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए और प्रभावित लोगों को उनके अधिकारों एवं सुविधाओं से वंचित न होना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि काचांदी नाला डायवर्सन से जुड़े विषय में जल संसाधन विभाग की प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाए। परियोजना विस्तार से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं की स्पष्टता और प्रभावित लोगों के हितों की सुरक्षा के बाद ही जनसुनवाई आयोजित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।

मंत्री के निर्देशों के बाद 21 अगस्त 2026 को प्रस्तावित जनसुनवाई को आवश्यक प्रक्रियाओं के पूर्ण होने तक स्थगित अथवा आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रभावित ग्रामीणों को अपने लंबित मुआवजा और पुनर्वास संबंधी मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक समय मिल सकेगा।

मानिकपुर ओपन कास्ट एक्सपेंशन परियोजना की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव कोयला उत्पादन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन इसके साथ परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापना का मुद्दा भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में जनसुनवाई से पहले लंबित मामलों का निराकरण प्रभावित ग्रामीणों के लिए अहम माना जा रहा है।

एसईसीएल और संबंधित विभागों को अब मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा करने के साथ काचांदी नाला डायवर्सन की निरीक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही जनसुनवाई की अगली तारीख और प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मंत्री के इस हस्तक्षेप से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही परियोजना विस्तार की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की चिंताओं और उनके अधिकारों को प्राथमिकता देने का संदेश भी गया है।

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