‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में सख्ती, मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की व्यापक कार्रवाई

रायपुर, 18 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन सहित आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा “बने खाबो-बने रहिबो 2.0” सात दिवसीय विशेष जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। अभियान के प्रथम दिवस 17 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मिठाई दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, कन्फेक्शनरी, थोक विक्रेताओं, खाद्य निर्माण इकाइयों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण और नमूना संकलन किया गया।

अभियान का उद्देश्य मिलावटखोरी के विरुद्ध कार्रवाई के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य निर्माण, उचित लेबलिंग, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और उपभोक्ताओं को जागरूक करना है।

महासमुंद जिले के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी में एनालॉग पनीर निर्माण संबंधी शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापामार कार्रवाई की। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई में परिसर की जांच की गई और मौके पर उपलब्ध लगभग 300 किलोग्राम तैयार पनीर को कोल्ड स्टोरेज में रखकर सील किया गया। पनीर के नमूने की जांच नियमानुसार की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

रायपुर के डूमरतराई होलसेल मार्केट से सोन केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ला के तीन विधिक नमूने लिए गए। दुर्ग में कन्फेक्शनरी दुकानों का निरीक्षण कर दो विधिक और दो निगरानी नमूने लिए गए। बालोद में पनीर, खोवा और बूंदी लड्डू के तीन विधिक नमूने संकलित किए गए।

बिलासपुर में मिथ्याछाप पाए गए बर्फी के 23 कार्टून, करीब 102 किलोग्राम माल को सीज कर नमूना जांच के लिए भेजा गया। कोरबा में मैसूर पाक और नारियल लड्डू के विधिक नमूने लिए गए तथा करीब 10 हजार रुपये मूल्य के मिथ्याछाप खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।

रायगढ़ में खोवा, कलाकंद और पैक्ड नारियल लड्डू के नमूने लिए गए। कांकेर में पेड़ा का एक विधिक तथा गठिया और बूंदी के दो निगरानी नमूने लिए गए। राजनांदगांव में पनीर का विधिक तथा दही, पेड़ा और लड्डू के निगरानी नमूने संकलित किए गए। कबीरधाम में खोया बर्फी और पनीर के विधिक नमूने लिए गए।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में कन्फेक्शनरी मिठाई, घी, चॉकलेट/फ्रूट जेली और समोसा सहित चार विधिक नमूने लिए गए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में कन्फेक्शनरी सहित शिकायत के आधार पर विधिक और निगरानी नमूने लिए गए। सुकमा, बस्तर, सरगुजा, सूरजपुर और अन्य जिलों में भी होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान व्यापारियों को खाद्य पदार्थ रखने या पैक करने में अखबारी कागज का उपयोग नहीं करने तथा प्रतिबंधित रंगों के प्रयोग से बचने के निर्देश दिए गए। खाद्य प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन रखने और कालातीत खाद्य पदार्थों का विक्रय या भंडारण नहीं करने की हिदायत दी गई।

संदिग्ध मिलावट, अमानकता, मिथ्याछाप या अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि, लेबल, पैकेजिंग और एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन की जानकारी अवश्य जांचें। संदिग्ध गुणवत्ता या मिलावट की स्थिति में तत्काल विभाग को सूचना दें। विभाग ने कहा कि “बने खाबो-बने रहिबो 2.0” का उद्देश्य त्योहारों की खुशियां सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थों के साथ सुनिश्चित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *