भारत-जापान साझेदारी से निवेश और विकास को नई गति, उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरा

सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि को अब वैश्विक स्तर पर व्यापक मान्यता मिल रही है और देश छह से आठ प्रतिशत की विकास दर के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश शिखर सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कही।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति चार प्रमुख आधारों पर केंद्रित है। इनमें सामाजिक, डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचे में निवेश, समावेशी विकास और विनिर्माण क्षेत्र को विशेष बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका है और भारत हर वर्ष करीब 130 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती आर्थिक गतिविधियों ने देश में सतत विकास को गति दी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और विकास का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रहा है। उन्होंने भारत में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के 99.6 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले एक दशक में करीब 38 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइनें जोड़ी गई हैं और 162 सेमी-हाई-स्पीड रेलगाड़ियां शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। पिछले दस वर्षों में करीब 65 हजार किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया है। इसी अवधि में देश में हवाई अड्डों की संख्या भी दोगुनी हुई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी साझा विकास, प्रौद्योगिकी और समृद्धि की मजबूत नींव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है और अब विकास के प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने सुरक्षा, स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दी है। इस अवधि में राज्य की प्रति व्यक्ति आय करीब तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, 35 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं और जापान के साथ साझेदारी से प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को प्राथमिकता देते हुए देश की समृद्धि और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादन बढ़ाना और भारत को दुनिया का अन्न भंडार बनाना है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि उत्पादन की लागत कम करने में कृषि मशीनीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है कि कृषि क्षेत्र में होने वाले अनुसंधान और तकनीकी नवाचार सीधे किसानों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मशीनीकरण से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ उनकी लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपार संभावनाओं वाला राज्य बताते हुए कहा कि यह वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। सम्मेलन में भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को गति देने पर जोर दिया गया।

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