दुर्ग जिले में शिशुओं और छोटे बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा रोगों से बचाव के उद्देश्य से शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ जिला अस्पताल दुर्ग के टीकाकरण केंद्र में हुआ। इसके तहत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पात्र बच्चों और गर्भवती माताओं को आवश्यक स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कांत मल्होत्रा ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक के 1,78,819 बच्चों को आयरन सिरप तथा 9 माह से 5 वर्ष तक के 1,68,885 बच्चों को विटामिन-ए सिरप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा निर्धारित सत्रों में पात्र बच्चों और गर्भवती माताओं का टीकाकरण भी किया जाएगा।

विटामिन-ए से मजबूत होगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि बच्चों को प्रत्येक छह माह में नियमित रूप से विटामिन-ए की खुराक देने से इसकी कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है। विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और उनके स्वस्थ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान के दौरान अपने पात्र बच्चों को निर्धारित आयरन और विटामिन-ए की खुराक अवश्य दिलाएं। साथ ही गर्भवती माताएं भी निर्धारित टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
18 से 24 सितंबर तक चलेगा अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार शिशु संरक्षण माह 18 से 24 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे पात्र बच्चों और गर्भवती माताओं को निर्धारित स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सेवाओं का लाभ दिलाएं। बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।
