सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल को 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने पर पश्चिम बंगाल सरकार की सराहना की। सिलीगुड़ी में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि नई राज्य सरकार के गठन के महज 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई, जबकि इसकी मांग वर्ष 2014 से लंबित थी। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ लगाना घुसपैठ रोकने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने अवैध घुसपैठ और अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों की पहचान, उन्हें हटाने और संबंधित प्रक्रिया के तहत वापस भेजने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच प्रभावी समन्वय भी जरूरी है।
अमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश की रणनीतिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। करीब 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा यह क्षेत्र भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है और इसे सामान्य तौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था में इस कॉरिडोर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां बुनियादी ढांचे और सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने करीब 189 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के नए भवन तथा उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 20 बिस्तरों वाले नशामुक्ति केंद्र का भी उद्घाटन किया।
अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों को लेकर छह दिवसीय जागरूकता प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य नागरिकों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में तकनीक और फोरेंसिक विज्ञान के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, जिससे अपराधों की जांच अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से जांच और अदालती प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को आधुनिक न्याय व्यवस्था की प्रमुख जरूरत बताया।

शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ केंद्र सरकार देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को भी गति दे रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर बुनियादी ढांचा देश की एकता, अखंडता और आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक है।
