पेपर लीक के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था सख्त

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रश्न पत्र लीक होने के मामलों के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और गोपनीय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अब परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी के स्थान पर पासवर्ड से सुरक्षित ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। साथ ही प्रश्न पत्र लीक करने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले छात्रों और लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में रविवार को हुई बैठक में परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में हाल ही में सामने आए प्रश्न पत्र लीक मामलों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू करने का निर्णय लिया गया।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय के प्रश्न पत्र को भी निरस्त कर दिया है। पुलिस जांच के दौरान इस प्रश्न पत्र के लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। इससे पहले 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्न पत्र के लीक होने का मामला सामने आया था।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि निरस्त किए गए दोनों प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा की नई तिथि की सूचना विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित माध्यमों से दी जाएगी।

दोषी छात्रों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

20 अगस्त को आयोजित एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्न पत्र लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग के छात्रों में से दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग को भी परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित नहीं कर पाने के मामले में नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा दोनों परीक्षाओं के दौरान गोपनीयता एवं निर्धारित प्रक्रिया के पालन की जिम्मेदारी संभाल रहे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

पासवर्ड सुरक्षित ई-मेल से भेजे जा रहे प्रश्न पत्र

परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने नई प्रणाली लागू कर दी है। 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी के बजाय पासवर्ड सुरक्षित ई-मेल के माध्यम से भेजे गए। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को सुबह 9:30 बजे उपलब्ध कराया गया। 24 अगस्त को आयोजित होने वाली परीक्षाएं भी इसी व्यवस्था के तहत कराई जाएंगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रश्न पत्र को परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले तक सुरक्षित रखना और अनधिकृत व्यक्तियों तक उसके पहुंचने की संभावना को न्यूनतम करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित महाविद्यालयों को भी प्रश्न पत्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

सीसीटीवी निगरानी होगी और मजबूत

विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए परीक्षा विभाग तथा संबंधित महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य में आधुनिक तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, परीक्षा की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

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