बिलासपुर, 26 अगस्त 2026। बिलासपुर और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करते हुए बिलासपुर-यलहंका साप्ताहिक एक्सप्रेस की नियमित सेवा बुधवार से शुरू हो गई। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सेवा से बिलासपुर, रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के यात्रियों को बेंगलुरु और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों तक सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 18261 बिलासपुर-यलहंका साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को दोपहर 2 बजे बिलासपुर से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7 बजे यलहंका पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 18262 यलहंका-बिलासपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को रात 9:30 बजे यलहंका से रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 3:30 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। पहली नियमित सेवा 26 अगस्त को बिलासपुर से और वापसी सेवा 27 अगस्त को यलहंका से शुरू हुई है।
लगभग 1574 किलोमीटर की यह रेल सेवा करीब 29 घंटे में यात्रा पूरी करेगी। ट्रेन का मार्ग छत्तीसगढ़ से तेलंगाना, कर्नाटक होते हुए यलहंका तक जाएगा। प्रमुख ठहरावों में भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, वडसा, चांदाफोर्ट, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचिर्याल, काजीपेट, चर्लपल्ली, सिकंदराबाद, लिंगमपल्ली, विकाराबाद, तांडूर, यादगीर, कृष्णा, रायचूर, मंत्रालयम रोड, गुंतकल, गूटी, अनंतपुर, धर्मावरम और हिंदूपुर शामिल हैं।

तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से इस ट्रेन को नियमित करने की मांग थी। क्षेत्रवासियों की जरूरत को देखते हुए लगातार प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप अब यह सेवा नियमित रूप से उपलब्ध हो रही है। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश में रेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ यात्री सुविधाओं को भी लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
नई रेल सेवा विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यलहंका बेंगलुरु के प्रमुख रेल क्षेत्रों में शामिल है और इस सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा अन्य यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा में सुविधा मिलेगी।

रेल सेवा के नियमित होने से बिलासपुर के अलावा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दक्षिण भारत से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए भी आवागमन सुगम होगा। नियमित सेवा से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेलवे के उपलब्ध समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन बिलासपुर से 14 बजे रवाना होकर रायपुर 15:35 बजे और दुर्ग 16:25 बजे पहुंचेगी। अगले दिन सिकंदराबाद के बाद रायचूर, गुंतकल, अनंतपुर और धर्मावरम होते हुए शाम 7 बजे यलहंका पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन गुरुवार रात 9:30 बजे यलहंका से रवाना होकर शुक्रवार देर रात छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करेगी और शनिवार तड़के बिलासपुर पहुंचेगी।

यह सेवा बिलासपुर को दक्षिण भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल कड़ी के रूप में देखी जा रही है। इससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक नियमित विकल्प उपलब्ध होगा और छत्तीसगढ़ की दक्षिण भारत से रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

