दुर्ग के प्रमुख मार्गों पर धरना-प्रदर्शन, रैली और जुलूस पर रोक, तितुरडीह में चिन्हित किया गया वैकल्पिक स्थल

दुर्ग, 26 अगस्त 2026। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने दुर्ग जिला मुख्यालय के प्रमुख एवं व्यस्त मार्गों पर धरना, प्रदर्शन, रैली, सभा, जुलूस सहित भीड़ एकत्र करने वाली गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के तहत निर्धारित मार्गों पर राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक अथवा कर्मचारी संगठनों द्वारा इस तरह के आयोजन करने के साथ टेबल, कुर्सी, फर्नीचर, टेंट, शामियाना, माइक और साउंड सिस्टम लगाने पर भी रोक रहेगी।

प्रतिबंध राजनांदगांव-पुलगांव-दुर्ग मुख्य मार्ग पर गंजपारा चौक से मालवीय नगर चौक तक, जेआरडी स्कूल से दुर्ग सेंट्रल जेल के मुख्य गेट तक, कब्रिस्तान से केंद्रीय विद्यालय, आरटीओ कार्यालय, खालसा स्कूल होते हुए मालवीय नगर चौक तक तथा सुराना कॉलेज से मानस भवन मार्ग होते हुए चर्च चौक तक लागू रहेगा। इन स्थानों पर पुलिस और प्रशासन को छोड़कर लाउडस्पीकर, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली अथवा तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

विशेष परिस्थितियों में इन मार्गों पर आयोजन की अनुमति देने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग शहर को अधिकृत किया गया है। अनुमति के लिए आयोजन की तिथि से कम से कम एक सप्ताह पहले सभी आवश्यक विवरण के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होगा। परिस्थितियों के आधार पर निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकेगी। शर्तों का उल्लंघन होने पर अनुमति स्वत: निरस्त मानी जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुमति प्राविधिक होगी और किसी भी समय बिना कारण बताए निरस्त की जा सकेगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर मौके पर लगाए गए टेंट, शामियाना, फर्नीचर, साउंड सिस्टम, लाउडस्पीकर, बैनर और अन्य सामग्री जब्त की जाएगी। उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 125, 126, 285 तथा अन्य संबंधित कानूनों एवं धाराओं के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी।

जिला अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर अनुरोध

जिला मुख्यालय के इन मार्गों पर जिला पंचायत, जीएसटी, वन विभाग, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, सेंट्रल जेल, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिवासी विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, पंजीयन कार्यालय, नगर निगम, कलेक्टर कार्यालय, जिला न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान स्थित हैं। जिला अस्पताल, लोक निर्माण विभाग का विश्रामगृह और बैठक कक्ष भी इन्हीं मार्गों से जुड़े हैं।

प्रशासन के अनुसार विभिन्न संगठनों द्वारा समय-समय पर धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस आयोजित किए जाने से बड़ी संख्या में भीड़ जमा होती रही है। इससे शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी स्थिति बनती है। जिला अस्पताल में आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है तथा एंबुलेंस के आवागमन में भी बाधा आती है।

इसके अलावा विश्रामगृह एवं बैठक कक्ष में महत्वपूर्ण व्यक्तियों के आगमन और बैठकों के दौरान सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति सामने आती रही है। नगर निगम के बस स्टैंड से आवागमन भी प्रभावित होने से यात्रियों को असुविधा होती है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित विभागों, जिला अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख अधिकारियों एवं प्राचार्यों ने कलेक्टर से प्रमुख मार्गों पर धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग की ओर से भी इसकी पुष्टि की गई। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

तितुरडीह में बनाया गया धरना-प्रदर्शन स्थल

प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन के लिए तितुरडीह में नगर निगम दुर्ग के जल शोधन संयंत्र के सामने स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित रिक्त परिसर को चिन्हित किया है। यह भूमि नजूल शीट क्रमांक 90 के प्लॉट नंबर 7/2 में स्थित है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग, अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग और नगर निगम दुर्ग ने इस स्थल को धरना-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त बताते हुए अनुशंसा की थी।

प्रशासन ने बताया कि रायपुर में भी शहर के सघन क्षेत्रों में लगातार होने वाले धरना-प्रदर्शन को देखते हुए लगभग चार वर्ष पहले नया रायपुर के तूता मैदान को निर्धारित स्थल के रूप में चिन्हित किया गया था। इसी तर्ज पर दुर्ग मुख्यालय में भी निर्धारित स्थल की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर सुझाव लिए गए थे। प्राप्त सुझावों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।


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