नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026। नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने पड़ोसी देश के साथ एकजुटता जताते हुए हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से टेलीफोन पर बातचीत कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और राहत एवं बचाव कार्यों में भारत के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें बचाव तथा राहत कार्यों में निकट समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने विशेष रूप से रसुवा, धादिंग और नुवाकोट क्षेत्रों को प्रभावित किया है। भोटे कोशी नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से कई बस्तियों, सड़कों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और बचाव दल प्रभावित इलाकों में राहत अभियान चला रहे हैं।
नेपाल सरकार ने भी बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने संबंधित एजेंसियों को सक्रिय करते हुए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की हैं। चिकित्सा दलों और हेलीकॉप्टरों को भी राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी भारत सरकार की प्राथमिकता में है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। सहायता और जानकारी के लिए भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों के बचाव एवं राहत के लिए समन्वय कर रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और अन्य देशों के पर्यटक प्रभावित क्षेत्र में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट में 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी दी गई है, जिनमें 105 भारतीय और 37 गैर-निवासी भारतीय शामिल हैं। हालांकि राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है।
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दवाइयों, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जा रही है। भारतीय एजेंसियां नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि जरूरत के अनुसार सहायता शीघ्र पहुंचाई जा सके।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंध रहे हैं। ऐसे संकट के समय भारत की त्वरित प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच सहयोग की परंपरा को रेखांकित करती है। प्रधानमंत्री मोदी की बलेंद्र शाह से बातचीत और मानवीय सहायता के आश्वासन से यह स्पष्ट हुआ है कि भारत प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
