नई दिल्ली। देश के कई प्रमुख शहरों में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नासिक से चेन्नई के लिए इस सीजन की दूसरी ‘प्याज एक्सप्रेस’ रवाना की है। केंद्रीय भंडारण निगम की पहल के तहत बफर स्टॉक का प्याज विशेष रेल सेवा से चेन्नई भेजा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्पादन क्षेत्रों से बड़े उपभोक्ता बाजारों तक प्याज की तेज आपूर्ति सुनिश्चित करना और कीमतों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
नासिक और मनमाड क्षेत्र से प्याज की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में होती है। इस समय कई शहरों में खुदरा प्याज की कीमत 50 से 65 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। कुछ प्रमुख बाजारों में यह 60 रुपये से ऊपर भी बिक रहा है। बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने बफर स्टॉक को बाजार में उतारने का फैसला किया है।
इससे पहले नासिक से दिल्ली के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ भेजी गई थी। पहली खेप में करीब 453.65 टन प्याज दिल्ली पहुंचा, जहां सरकार ने बफर स्टॉक के प्याज की बिक्री 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर शुरू की है। दिल्ली के आजादपुर, गाजीपुर और ओखला जैसे प्रमुख बाजारों में बफर स्टॉक की आवक के बाद थोक कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है।
सरकार के अनुसार, नासिक से चेन्नई भेजी जा रही प्याज की खेप दक्षिण भारत में आपूर्ति को मजबूत करने में मदद करेगी। आने वाले दिनों में एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख उपभोक्ता बाजारों तक भी बफर स्टॉक पहुंचाने की योजना है। सड़क मार्ग से भी विभिन्न शहरों में प्याज की खेप भेजी जा रही है, ताकि जिन बाजारों में कीमतें अधिक हैं वहां जल्द से जल्द अतिरिक्त आपूर्ति पहुंचाई जा सके।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है। इसे नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से बाजार में जारी किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि बफर स्टॉक के जरिए आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को नियंत्रित किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत मिले।
सरकारी हस्तक्षेप का असर उत्पादन क्षेत्र की मंडियों में भी दिखाई देने लगा है। नासिक के लासलगांव एपीएमसी में प्याज का औसत भाव कुछ दिनों में 4,250 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर करीब 3,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। कारोबारियों के अनुसार प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में बफर स्टॉक का प्याज पहुंचने से मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनने की उम्मीद है।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्याज की कीमतों में तत्काल और बड़ी गिरावट की संभावना सीमित है। नई फसल की आवक, भंडारित प्याज की गुणवत्ता और विभिन्न राज्यों में मांग-आपूर्ति की स्थिति आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेगी। मौजूदा परिस्थितियों में सरकार का विशेष रेल और सड़क परिवहन के माध्यम से प्याज भेजने का कदम आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
