काठमांडू, 30 अगस्त 2026। नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद भोटे कोशी नदी में पानी के बहाव में दोबारा बढ़ोतरी की सूचना से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। रविवार सुबह अधिकारियों को नदी के बहाव और पानी की आवाज में तेजी से बदलाव की सूचना मिली, जिसके बाद यह चेतावनी जारी की गई।
प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है। राहत और बचाव अभियान में लगे दलों को भी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव बेहद कम समय में गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
हालांकि बाद में नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने स्थिति को लेकर कुछ राहत भी दी। सुबह 5:45 बजे जारी अद्यतन जानकारी में बताया गया कि रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के नदी तटीय इलाकों में फिलहाल बड़े स्तर की बाढ़ का तत्काल खतरा सामने नहीं आया है। नुवाकोट क्षेत्र में पानी के स्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन इसे गंभीर नहीं माना गया। इसके बावजूद अधिकारियों ने लोगों से सतर्कता बनाए रखने को कहा है।
भोटे कोशी नदी में यह ताजा घटनाक्रम उस भयावह प्राकृतिक आपदा के कुछ ही दिन बाद सामने आया है, जिसने नेपाल के रसुवा और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया। 26 अगस्त को तिब्बत की ओर से अचानक भारी मात्रा में पानी, मलबा और चट्टानों का प्रवाह भोटे कोशी नदी में आया था। प्रारंभिक आकलनों के अनुसार, इस घटना के पीछे ऊपरी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने तथा नदी के एक हिस्से में अस्थायी अवरोध बनने जैसी प्राकृतिक परिस्थितियां हो सकती हैं।
अचानक आई बाढ़ ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग और अन्य नदी तटीय क्षेत्रों में भी भारी तबाही मचाई। नेपाल सरकार के अनुसार प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है। कई स्थानों पर सड़क, पुल, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।
भोटे कोशी से जुड़ा खतरा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। यह नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़ती है, इसलिए इसके जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का असर निचले इलाकों तक पहुंच सकता है। हालिया बाढ़ के दौरान भी पानी और मलबे का तेज प्रवाह नदी घाटियों में काफी दूर तक पहुंचा था।
नेपाल में इस समय राहत एवं बचाव दल पहले से ही बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं। ऐसे में ताजा जलस्तर बढ़ने की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने प्रभावित जिलों के लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने और नदी के किनारे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

फिलहाल उपलब्ध अद्यतन जानकारी के मुताबिक रसुवा से नुवाकोट और धादिंग तक बड़े स्तर की तत्काल बाढ़ का खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन भोटे कोशी के बदलते प्रवाह को देखते हुए निगरानी जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति बदलने पर लोगों को तत्काल सूचना दी जाएगी।
