नेपाल में बाढ़ से तबाही, मृतकों की संख्या 675 पहुंची, 2400 लोग अब भी लापता

काठमांडू, 30 अगस्त 2026। नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और लगातार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है, जबकि करीब 2400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 320 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं, लेकिन खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण अभियान में कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं।

नेपाल सरकार के अनुसार, अब तक 4004 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्यों में 15 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। दुर्गम इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित लोगों को निकालने के साथ-साथ भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने के कारण हवाई राहत अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की जान बचाना है। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया है। सरकार की ओर से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है।

बाढ़ के साथ लगातार जारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। नेपाल के मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आगे भी बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर गरज के साथ तूफान की संभावना जताई है। मौसम खराब रहने से हेलीकॉप्टर संचालन और जमीनी बचाव अभियान दोनों प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

इस प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल के परिवहन नेटवर्क पर भी पड़ा है। कई प्रमुख सड़क मार्गों पर बाढ़, भूस्खलन और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। हालांकि मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग को दोबारा खोल दिया गया है, जिससे राजधानी को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर आवाजाही शुरू हुई है। इसके बावजूद कई अन्य सड़कें अभी भी बंद हैं और उन्हें खोलने का काम जारी है।

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बिजली, संचार और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई परिवारों के सामने भोजन और सुरक्षित आवास की समस्या खड़ी हो गई है। राहत एजेंसियां अस्थायी शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या और हजारों लोगों के लापता होने से आपदा का पैमाना बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रशासन का ध्यान फिलहाल लापता लोगों की तलाश, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने पर केंद्रित है। मौसम की स्थिति में सुधार होने पर खोज एवं बचाव अभियान को और तेज किए जाने की उम्मीद है।

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