रायपुर, 31 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पक्का घर बनाने वाले ग्रामीण परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिज़ॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का शुभारंभ किया। पोर्टल के माध्यम से योजना के पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए निःशुल्क रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के निर्माण खर्च को कम करना और स्वीकृत आवासों के निर्माण की गति बढ़ाना है।
‘ई-रेत संगवारी’ को रेत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पोर्टल पर रेत की मांग, स्वीकृति और उपलब्धता से जुड़ी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पात्र हितग्राहियों को रेत के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने और अनावश्यक प्रक्रियागत कठिनाइयों से राहत मिलने की उम्मीद है। मांग से लेकर रेत उपलब्ध कराने तक की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होने से व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

ग्रामीण आवास निर्माण में रेत एक महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री है। ऐसे में पात्र परिवारों को निःशुल्क रेत उपलब्ध कराने से उनके ऊपर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। रेत की सुविधा को इस योजना से जोड़ने से सरकार की सहायता केवल आवास स्वीकृति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निर्माण प्रक्रिया में भी प्रत्यक्ष सहयोग मिलेगा।
इस पहल को ग्रामीण परिवारों के लिए ‘आपके सपनों का घर, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलें और आर्थिक कारणों से घर बनाने में अनावश्यक देरी न हो।
‘ई-रेत संगवारी’ की शुरुआत उसी दिन हुई जब नवा रायपुर में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की आठवीं श्रृंखला को लेकर रोड शो आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने खनिज क्षेत्र में निवेश, मूल्य संवर्धन और रोजगार बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसी अवसर पर टिन पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य दंतेवाड़ा क्षेत्र के टिन से जुड़े जनजातीय समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र में व्यापक विकास की दिशा भी सामने रखी गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य केवल खनिजों के उत्खनन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उन्नत विनिर्माण और पुनर्चक्रण तक पूरी खनिज मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
‘ई-रेत संगवारी’ इसी व्यापक डिजिटल और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण का ग्रामीण आवास क्षेत्र में उपयोग है। ऑनलाइन व्यवस्था से हितग्राहियों की मांग का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और रेत की उपलब्धता तथा वितरण की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। इससे प्रशासन के लिए भी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी आसान होगी।

सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। निःशुल्क रेत की सुविधा से पात्र परिवारों की निर्माण लागत में कमी आएगी, जबकि डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। इस तरह ‘ई-रेत संगवारी’ ग्रामीण परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने में एक अतिरिक्त सहयोग के रूप में सामने आया है।
